अंबाला कैंट में दिल दहला देने वाला हादसा: पॉश इलाके के बंद मकान में मिलीं दो सगी बहनों के शव, अपनों की बेरुखी और मुफलिसी ने ली जान
अंबाला, 23 मई (अन्नू): हरियाणा के अंबाला कैंट के पॉश इलाके प्रीत नगर से एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बंद पड़े मकान से कई दिनों से आ रही भयंकर दुर्गंध के बाद, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे जब स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बुलाया, तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई कांप उठा। घर का मुख्य दरवाजा तोड़कर जब पुलिस भीतर दाखिल हुई, तो एक ही कमरे में दो सगी बहनों के शव बेहद गली-सड़ी अवस्था में मिले।
कमरे के भीतर बड़ी बहन मानु कश्यप (45) का शव बेड के ऊपर कंकाल नुमा हालत में पड़ा था, जबकि छोटी बहन अंजना कश्यप (40) का शव बेड के नीचे औंधे मुंह पड़ा हुआ था। अंदर पूरा कमरा मल-मूत्र, कूड़े के लिफाफों और डायपरों के ढेर से सना हुआ था, जिससे साफ था कि दोनों बहनें बेहद लाचारी और दयनीय परिस्थितियों में जी रही थीं।
10 साल से दुनिया से कटी हुई थीं दोनों बहनें, पिता की पेंशन पर था गुजारा
महेश नगर पुलिस थाना प्रभारी (SHO) जितेंद्र सिंह ढिल्लों ने बताया कि यह परिवार 1990 से पहले अंबाला कैंट में आकर बसा था। पिता प्रेम चंद नगर परिषद में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। 15 साल पहले मां और 10 साल पहले पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद अंजना ने ही अपने पिता को मुखाग्नि दी थी, क्योंकि तब भी कोई रिश्तेदार आगे नहीं आया था।
पिता की मौत के बाद पंजाब नेशनल बैंक से मिलने वाली करीब 12 हजार रुपये की पेंशन से दोनों बहनों का गुजारा चलता था। बड़ी बहन मानु मानसिक रूप से पूरी तरह अस्वस्थ थी, जिसकी देखभाल छोटी बहन अंजना ही करती थी। अपनी बीमार बहन के कारण अंजना सामाजिक तौर पर दुनिया से पूरी तरह कट चुकी थी। वह घर से बाहर नहीं निकलती थी और राशन-सामान भी ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए मंगाकर गेट के ऊपर से ही ले लेती थी। पड़ोसियों के मुताबिक, आखिरी बार साल 2023 में दोनों बहनें किसी पड़ोसी के कार्यक्रम में बाहर निकली थीं।
30 अप्रैल से दूध लेना किया बंद, बरामदे में ही पड़ा मिला सिलिंडर
इस रहस्यमयी मौत के पीछे कई महीनों से चल रही लाचारी के सबूत मिले हैं। दूध देने वाले मुकेश ने बताया कि अंजना ने बीते 30 अप्रैल से ही दूध लेना बंद कर दिया था। वहीं करीब डेढ़ महीने पहले बुक कराया गया रसोई गैस सिलिंडर भी घर के बरामदे में बिना खुला ऐसे ही पड़ा मिला। पड़ोसियों ने बताया कि कुछ समय पहले एक दूर का रिश्तेदार उनसे मिलने आया भी था, तो अंजना ने उसे घर के भीतर नहीं घुसने दिया और चंद मिनटों में गेट से ही वापस लौटा दिया था।
लाखों की कोठी, पर अर्थी को कंधा देने नहीं आया कोई 'अपना'
दोनों बहनें जिस पॉश इलाके में रहती थीं, वहां उनकी लाखों की संपत्ति थी। लेकिन खून के रिश्तों की बेरुखी ऐसी थी कि मौत के बाद भी किसी का दिल नहीं पसीजा। पुलिस ने जब उनकी एक सगी मासी से फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने "हम बहुत दूर रहते हैं" कहकर आने से साफ मना कर दिया। अंत में, कोई वारिस न मिलने पर पुलिस ने अंबाला की समाजसेवी संस्था 'हरियाणा जन सेवा दल' से संपर्क किया। इस संस्था ने लावारिस समझकर दोनों बहनों के शवों का जिम्मा उठाया और करनाल ले जाकर पूरे विधि-विधान व हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया।
मौत की गुत्थी अनसुलझी: भूख, बीमारी या हत्या? मोबाइल खोलेगा राज
दोनों बहनों की मौत की गुत्थी अभी भी पूरी तरह अनसुलझी है। शवों की स्थिति को देखकर फोरेंसिक एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि मानसिक रूप से बीमार बड़ी बहन मानु की मौत पहले हुई थी (जिसका शव कंकाल बन चुका था) और अंजना की मौत कुछ दिन बाद हुई। अंदेशा यह भी है कि अगर अंजना की मौत पहले हुई होगी, तो लाचार और बिस्तर पर पड़ी बड़ी बहन मानु ने भूख और बेबसी के कारण तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया होगा।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ढिल्लों का बयान: "हमने मृतका अंजना का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है, जिसकी कॉल डिटेल (CDR) खंगाली जा रही है ताकि पता चल सके कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में थी। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुमित की देखरेख में शवों का पोस्टमार्टम कराकर विसरा, डीएनए (DNA) और वेजाइनल स्वैब टेस्ट जांच के लिए लैब भेजे गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी या छेड़छाड़ के एंगल की पुष्टि की जा सके। मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा, पुलिस हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।"
#AmbalaNews #AmbalaCantt #PreetNagarCase #TwoSistersDead #MaheshNagarPolice #HeartWrenchingStory #DanikKhabar #AmbalaCrimeNews #JanSevaDal #HumanityShamed
Previous
राजस्थान को रेल विकास की बड़ी सौगात
Next