घरौंडा न्यू बस स्टैंड पर जागरूकता अभियान: आम जनता और रोडवेज कर्मचारियों को दिए रोड सेफ्टी, साइबर अपराध व राहगीर योजना के टिप्स
करनाल, 30 जून (अन्नू): जिला पुलिस करनाल द्वारा पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों की पालना और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में न्यू बस स्टैंड, घरौंडा (करनाल) में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में थाना हाईवे करनाल के कॉर्डिनेटर व सहायक उप निरीक्षक (ASI) अजय कुमार द्वारा वहां उपस्थित आम नागरिकों तथा हरियाणा रोडवेज के चालकों, परिचालकों व अन्य कर्मचारियों को रोड सेफ्टी, साइबर सुरक्षा एवं सरकार की 'राहगीर (राहवीर) योजना' के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया गया।
यातायात नियम अपनाएं, सुरक्षित सफर पाएं
कार्यक्रम के दौरान एएसआई अजय कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आमजन से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सुरक्षित ड्राइविंग के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
सुरक्षा कवच का प्रयोग: दुपहिया वाहन चलाते समय आईएसआई (ISI) मार्क हेलमेट और चौपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
लापरवाही से बचें: वाहन को हमेशा निर्धारित गति सीमा के भीतर ही चलाएं। नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि जानलेवा भी है।
मोबाइल से दूरी: वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना या चैटिंग करना बिल्कुल बंद करें, क्योंकि ध्यान भटकने से गंभीर सड़क हादसे हो सकते हैं।
साइबर ठगी से रहें सावधान; याद रखें हेल्पलाइन नंबर 1930
बढ़ते डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क करते हुए एएसआई अजय कुमार ने लोगों को साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने सुरक्षा टिप्स देते हुए कहा:
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की डिटेल, एटीएम (ATM) कार्ड नंबर, ओटीपी (OTP) या यूपीआई (UPI) पिन जैसी गोपनीय जानकारी कभी भी साझा न करें।
मोबाइल या ईमेल पर आने वाले किसी भी संदिग्ध व अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और सोशल मीडिया पर मिलने वाले फर्जी लॉटरी या लालच भरे ऑफर्स के झांसे में न आएं।
तुरंत करें शिकायत: यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराए। इसके अलावा cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
घायलों की मदद के लिए आगे आएं, 'राहगीर योजना' के तहत मिलेगा सम्मान
सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा कम करने के लिए पुलिस टीम द्वारा 'राहगीर योजना' के बारे में विस्तार से समझाया गया।
क्या है गोल्डन ऑवर? सड़क दुर्घटना के ठीक बाद का पहला एक घंटा (First Hour) घायल व्यक्ति के लिए 'गोल्डन ऑवर' कहलाता है। इस दौरान अगर घायल को इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है।
अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी नागरिक बिना किसी कानूनी या पुलिसिया पचड़े की चिंता किए किसी सड़क हादसे के घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाता है या उसकी मदद करता है, तो सरकार द्वारा उसे 'नेक इंसान' के रूप में सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने अपील की कि सड़क पर किसी तड़पते हुए घायल को देखकर मुंह न मोड़ें, बल्कि उसकी सहायता के लिए तुरंत आगे आएं।
कार्यक्रम के समापन पर बस स्टैंड परिसर में मौजूद सभी यात्रियों, स्थानीय दुकानदारों और रोडवेज स्टाफ ने पुलिस के इस अभियान की सराहना की तथा यातायात नियमों का पालन करने व समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
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