02/03/26

अमृतसर: सचखंड श्री हरमंदिर साहिब नतमस्तक हुए सूफी गायक हंस राज हंस, बोले—राजनीति 'कर्म चक्र' था, अब सब मालिक के हवाले

जे कुमार अमृतसर, 2 मार्च 2026: सुप्रसिद्ध पंजाबी सूफी गायक हंस राज हंस ने आज पावन नगरी अमृतसर स्थित सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के उपरांत पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने अपनी रूहानी खुशी को शब्दों में पिरोते हुए कहा कि दरबार साहिब में कदम रखते ही जो असीम शांति महसूस होती है, उसका वर्णन करना वैसा ही कठिन है जैसे कोई गूंगा व्यक्ति गुड़ खाकर उसका स्वाद नहीं बता पाता। राजनीति के गलियारों से अपनी दूरी को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने बेहद विनम्रता से जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वे कभी राजनेता नहीं रहे, बल्कि वह उनके जीवन का एक 'कर्म चक्र' मात्र था जो अब पीछे छूट चुका है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब उन्होंने अपना सर्वस्व परमात्मा और संगत के चरणों में अर्पित कर दिया है और भविष्य में वही होगा जो ईश्वर की रज़ा होगी।

संगीत के प्रति अपने अटूट प्रेम को साझा करते हुए हंस राज हंस ने बताया कि गायकी ही उनके जीवन का असली आधार है और वे जल्द ही श्रोताओं के बीच कुछ रूहानी कलाम लेकर आएंगे। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी और उभरते कलाकारों को नसीहत देते हुए कहा कि पुराने कीर्तन और मधुर संगीत से जुड़ना ही मन की शांति का मार्ग है। फिल्मों में वापसी के संकेत देते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा कि यदि उनकी उम्र के अनुकूल कोई प्रभावशाली भूमिका मिलती है, तो वे पर्दे पर जरूर लौटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बॉलीवुड से कभी दूर नहीं थे, बस व्यस्तताओं के कारण थोड़ा अंतराल आ गया था। अमृतसर की वीर भूमि को याद करते हुए उन्होंने युवाओं को दारा सिंह जैसे महान पहलवानों का उदाहरण दिया और अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों को त्यागकर कसरत और सेहत पर ध्यान दें ताकि पंजाब की गौरवशाली विरासत सुरक्षित रहे।

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