04/04/26

अम्बाला: 1857 के शहीदी स्मारक का कार्य अंतिम चरण में; आयुक्त अमित अग्रवाल ने लिया जायजा, ई-टिकट और डिजिटल गैलरी के दिए निर्देश

जे कुमार अम्बाला छावनी, 4 अप्रैल 2026: अम्बाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर करोड़ों रुपये की लागत से बनाए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के '1857 के शहीदी स्मारक' का कार्य अब अपने निर्णायक दौर में पहुँच गया है। सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने शुक्रवार देर शाम स्मारक का विस्तृत निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

आधुनिक सुविधाओं और ई-टिकट प्रणाली पर जोर: निरीक्षण के दौरान आयुक्त अमित अग्रवाल ने पर्यटकों की सुविधा हेतु मुख्य द्वार पर डिजिटल नाम पट्टिका लगाने और ई-टिकट प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था में पेवर ब्लॉक लगाने, साइन बोर्ड स्थापित करने और सुरक्षा गार्डों के बैठने के उचित प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, फूड कोर्ट के संचालन हेतु पीएनजी (PNG) लाइन बिछाने के लिए संबंधित एजेंसी को तुरंत पत्राचार करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मारक के बेहतर रख-रखाव के लिए एक जॉब चार्ट तैयार किया जाए और तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति में अनुभवी लोगों को प्राथमिकता दी जाए।

इतिहास की गाथा कहेगी डिजिटल गैलरी: आयुक्त ने एलीवेटर गैलरी और म्यूजियम रूम का बारीकी से जायजा लिया, जहाँ 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शौर्य गाथाओं को चित्रों और डिजिटल माध्यम से दर्शाया गया है। उन्होंने लाइटिंग और साउंड सिस्टम की समीक्षा की और मैमोरियल टावर पर रात के समय प्रदर्शित की जाने वाली डिजिटल फिल्म का भी अवलोकन किया, जो आजादी की लड़ाई के इतिहास को जीवंत करेगी। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता हरपाल ने अवगत करवाया कि सिविल वर्क का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब केवल फिनिशिंग का काम शेष है।

समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश: अमित अग्रवाल ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि शेष बचे छोटे-छोटे कार्यों को तीव्रता से पूरा कर स्मारक को संबंधित विभाग के सुपुर्द किया जाए ताकि इसे जल्द ही आम जनता के लिए खोला जा सके। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर अरुण जग्गा, शहीदी स्मारक के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी, कार्यकारी अभियंता रितेश अग्रवाल, नवीन राठी सहित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सिद्धार्थ और अभिमन्यु उपस्थित रहे। यह स्मारक न केवल पर्यटन का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देश के वीरों के बलिदान से भी परिचित कराएगा।

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