12/03/26

अम्बाला: जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू, 1 मई से मोबाइल ऐप के जरिए होगा पहले चरण का कार्य

जे कुमार अम्बाला, 12 मार्च 2026: आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 के प्रथम चरण को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए अम्बाला जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आज अतिरिक्त उपायुक्त विराट की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक और अधिसूचित अधिकारियों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। इस बैठक में जनगणना से जुड़े तकनीकी, प्रशासनिक और प्रबंधन पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

डिजिटल जनगणना: इस बार क्या है खास?

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल (मोबाईल एप्प) के माध्यम से होगी।

  • रियल-टाइम डेटा: मोबाइल ऐप के उपयोग से सारा डेटा साथ-साथ सिंक (Sync) होता रहेगा।

  • स्व-गणना (Self-Enumeration): अप्रैल 2026 के मध्य में एक पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। यह विशेषकर आईटी क्षेत्र और व्यस्त कामकाजी लोगों के लिए मददगार होगा।

  • CMMMS पोर्टल: सभी अधिसूचित अधिकारियों का इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है ताकि कार्य की निगरानी पारदर्शी तरीके से हो सके।

महत्वपूर्ण तिथियां और शेड्यूल:

  • प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): 1 मई से 30 मई 2026 तक।

  • फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण: 19 मार्च से 21 मार्च 2026 तक।

  • प्रगणकों (Enumerators) व सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग: 6 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 तक।

  • द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक।

अम्बाला जिले का संगठनात्मक ढांचा:

जनगणना कार्य के लिए पूरे जिले को 12 चार्ज कार्यालयों (4 ग्रामीण और 8 नगरीय) में बांटा गया है।

  • कुल कर्मचारी: जिले भर में लगभग 1943 प्रगणक और 323 सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे।

  • निगरानी: ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदार और शहरी क्षेत्रों में म्यूनिसिपल सेक्रेटरी/ईओ (EO) 'चार्ज अधिकारी' के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।

राष्ट्र निर्माण में आंकड़ों की भूमिका:

बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि जनगणना के सटीक आंकड़े राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर:

  1. आगामी पंचवर्षीय योजनाएं बनाई जाती हैं।

  2. परिसीमन आयोग द्वारा विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं का निर्धारण किया जाता है।

  3. सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाने की रूपरेखा तैयार होती है।

जनता से अपील: प्रशासन ने जिला लोक संपर्क अधिकारी के माध्यम से जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं ताकि हर नागरिक इस प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस अवसर पर एसडीएम दर्शन कुमार, विनेश कुमार, शिवजीत भारती, सतीन्द्र सिवाच और नगराधीश अभिषेक गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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