अम्बाला: नदियों की डी-सिल्टिंग और जल निकासी को लेकर उपायुक्त सख्त; अधिकारियों को दिए कड़े दिशा-निर्देश
जे कुमार अम्बाला, 23 अप्रैल 2026: जिले में मानसून से पूर्व ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने और नदियों की डी-सिल्टिंग (मिट्टी उठान) प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जल निकासी की समस्याओं और नदियों से मिट्टी उठाने के नियमों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
कॉलोनियों और इंडस्ट्रियल पार्कों में ड्रेनेज सिस्टम अनिवार्य
उपायुक्त ने ड्रेनेज और गंदे पानी की निकासी की समीक्षा करते हुए जिला नगर योजनाकार (DTP) को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी नई कॉलोनी, इंडस्ट्रियल पार्क या अन्य निर्माण कार्य की अनुमति देते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां ड्रेनेज के तय मापदंडों का पालन हो। निकासी की उचित व्यवस्था न होने से आसपास के लोगों को होने वाली परेशानी के लिए संबंधित विभाग जवाबदेह होगा।
नदियों से मिट्टी उठान के लिए ग्राम सभा की मंजूरी जरूरी
डी-सिल्टिंग (नदियों की सफाई और मिट्टी उठाना) के विषय पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अब प्रक्रिया केवल विभागीय स्तर पर नहीं, बल्कि जन-भागीदारी के साथ होगी:
ग्राम सभा की बैठक: जिस भी गांव से नदी गुजर रही है, वहां मिट्टी उठाने से पहले ग्राम सभा की बैठक आयोजित करना अनिवार्य होगा।
प्रतिनिधियों की मौजूदगी: इस बैठक में सरपंच, पंचायत अधिकारी, सिंचाई विभाग के प्रतिनिधि और संबंधित ठेकेदार का होना आवश्यक है। बैठक में ग्रामीणों को खुदाई के कार्य की पूरी जानकारी दी जाएगी।
NOC और अनुमति: ठेकेदार को पहले संबंधित विभाग से एनओसी (NOC) लेनी होगी, जिसे माइनिंग विभाग को सौंपना होगा। माइनिंग विभाग सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही कार्य की अंतिम स्वीकृति प्रदान करेगा।
नदी के वास्तविक बहाव क्षेत्र पर ही होगी खुदाई
उपायुक्त ने माइनिंग और सिंचाई विभाग को हिदायत दी कि मिट्टी केवल नदी के वास्तविक बहाव क्षेत्र (Active Channel) से ही उठाई जानी चाहिए। नदी के किनारों या आसपास के क्षेत्रों से मिट्टी उठाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
बैठक में उपस्थित रहे मुख्य अधिकारी
इस अवसर पर एसडीएम कनिका गोयल, एसडीएम दर्शन कुमार, एसडीएम सतिन्द्र सिवाच, अधीक्षक अभियंता (सिंचाई) मुनीष शर्मा, डीआरओ राजेश ख्यालिया, डीडीपीओ दिनेश शर्मा, ईओ नगर परिषद देवेन्द्र नरवाल, जिला खनन अधिकारी सोनू कुमार, और डीआईपीआरओ धर्मेन्द्र कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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