सर्वदलीय बैठक संपन्न: सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और उसके बाद की स्थिति पर दी पर जानकारी
आरएस अनेजा, 08 मई नई दिल्ली
सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और उसके बाद की स्थिति पर गुरुवार सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के नेताओं को जानकारी दी है। गत 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और विपक्षी नेताओं की पिछले एक पखवाड़े में यह दूसरी बैठक है।
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, एस जयशंकर, जे पी नड्डा और निर्मला सीतारमण ने बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व किया, जबकि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय और द्रमुक के टी आर बालू बैठक में शामिल प्रमुख विपक्षी नेता हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'आज सर्वदलीय बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बहुत अच्छी से हुई है। गंभीर विषय था इसलिए सभी नेताओं ने गंभीरता से अपने बात को रखा है। सबसे पहले रक्षा मंत्री ने सभी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी और परिस्थिति, हालात के बारे में जानकारी दी। इसके बाद सभी ने अपना मत रखा और सुझाव भी दिए। सभी नेताओं ने सेनाओं को बधाई भी दी। सभी ने कहा कि हम एकजूटता से सरकार का साथ देंगे और सेना के हर कार्रवाई में साथ देंगे...मैं सभी नेताओं को धन्यवाद करता हूं और ये सकारात्मक बैठक थी।'
इसमें शामिल अन्य विपक्षी नेताओं में समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले, बीजद के सस्मित पात्रा और माकपा के जॉन ब्रिटास शामिल हैं।
इनके अलावा जद (यू) नेता संजय झा, केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान तथा एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक का हिस्सा थे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी दलों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी देना चाहती है।
पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए। इससे पहले सरकार ने पहलगाम हमले के बारे में सभी दलों के नेताओं को जानकारी देने के लिए 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।