एम पी एच डब्ल्यू वर्ग की सभी मांगे जायज , पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा : शर्मिला देवी
जे कुमार, अम्बाला 13 नवम्बर - एमपीएचडब्ल्यू की 25 अक्टूबर से ऑनलाइन काम छोड़ हड़ताल से टीकाकरण का डिजिटल निगरानी प्रभावित हुई ,प्रदेश भर में आयोजित टीकाकरण कैंपो में यूवीन पोर्टल नहीं चल पाया , व गर्भवती महिलाओं एवं नवजात को मिलने वाले मैसेज एवं डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं मिल पाए ।
एसोसिएशन की राज्य प्रधान शर्मिला , महासचिव सहदेव आर्य ने प्रदेश भर से जुटाए आंकड़े मीडिया से सांझा करते हुए जारी विज्ञप्ति में बताया कि बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में औसतन अस्सी प्रतिशत निगरानी कार्य प्रभावित हुआ। सरकार की हठधर्मिता के चलते आमजन को आ रही परेशानी का हमें खेद है एसोसिएशन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है बशर्ते सरकार एसोसिएशन की जायज मांगों पर गौर करे।
ऑनलाइन कार्यों के लिए पहले से कार्यरत कर्मचारियों की जवाबदेह तय हो : राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन एंट्री न होने के चलते गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले आरसीएच नंबर , गैर संक्रामक रोगों का ऑनलाइन डाटा , टीबी मरीजों का पोषण भत्ता एवं दवा वितरण रिकॉर्ड, आशा वर्कर पेमेंट, डिजीज सर्वेलेंस,निरोगी हरियाणा,सहित कई निगरानी पोर्टल ठप्प है |
एमपीएचडब्ल्यू वर्ग द्वारा डिजिटल हड़ताल का प्राथमिक उद्देश्य ऑनलाइन कार्यों के लिए नियुक्त कर्मचारियों की जवाबदेह तय करवाना है अधिकारियों के ढूलमूल रवैये के चलते सारा काम एम पी एच डब्ल्यू वर्ग पर डाल दिया गया ।
महासचिव सहदेव आर्य ने एसोसिएशन का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक सरकार द्वारा पहले नियुक्त कर्मचारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, अतिरिक्त ऑनलाइन कार्यों के लिए मानव संसाधन ऑपरेटर की नियुक्ति व उचित तकनीकी संसाधन जैसे लैपटॉप/टैबलेट व इंटरनेट की सुविधा नहीं दी जाएगी तब तक प्रदेशभर में ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टलों का बहिष्कार जारी रहेगा और आमजन होने वाली परेशानी की पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं विभाग की होगी।
#ambala #mphw #all-demands-of-mphws #healthdepartment #haryana #news