29/05/26

रोहतक के गांव रिठाल फौगाट में कला का अनूठा संगम: सुपवा के छात्रों ने पारंपरिक चौपाल को बनाया 'आर्ट गैलरी', उमड़े ग्रामीण

जे कुमार रोहतक, 29 मई 2026: हरियाणा की सांस्कृतिक और कलात्मक भूमि से एक बेहद खूबसूरत और अनूठी तस्वीर सामने आई है। रोहतक स्थित दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (DLC-SUPVA) के छात्रों ने अपनी कलात्मक सोच से एक नया इतिहास रच दिया है। आमतौर पर बड़े-बड़े शहरों के वातानुकूलित हॉलों और आलीशान भवनों तक सीमित रहने वाली आर्ट गैलरी (Art Gallery) पहली बार हरियाणा के एक ग्रामीण आंचल तक पहुंची है.

सुपवा के मास्टर इन विजुअल आर्ट्स (MVA) के फाइनल ईयर के छात्रों ने अपनी असाधारण मेहनत और रचनात्मकता के जरिए गांव रिठाल फौगाट की पारंपरिक चौपाल को एक जीवंत और भव्य आर्ट गैलरी के रूप में तब्दील कर दिया है। इस अनूठी पहल के माध्यम से छात्रों ने बातचीत, स्मृतियों और ग्रामीण समुदाय के साथ कला का सीधा साक्षात्कार कराया है।

छह होनहार युवा कलाकारों ने 'गिल्ड कलेक्टिव' के तहत दिखाई प्रतिभा

विश्वविद्यालय के छह प्रतिभावान छात्रों—हर्षुल शंकर, ज्योति, किरण सिंह, निखिल फौगाट, रश्मि और सोनी—ने मिलकर 'गिल्ड कलेक्टिव' शीर्षक के तहत इस ग्रामीण कला प्रदर्शनी की रूपरेखा तैयार की।

मंगलवार शाम से शुरू हुई यह अनूठी आर्ट गैलरी ग्रामीणों और कला प्रेमियों के लिए तीन दिनों तक पूरी तरह निशुल्क (Free Entry) खुली रहेगी। इस तीन दिवसीय आयोजन में कला के प्रदर्शन के साथ-साथ कई अन्य बौद्धिक व सांस्कृतिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं:

इस पूरी प्रदर्शनी को कलात्मक रूप से निखारने और आयोजित करने में शरद और विनय केडी ने बतौर क्यूरेटर (Curators) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने थपथपाई पीठ; कहा- यह सराहनीय व नेक कार्य

छात्रों के इस अभूतपूर्व प्रयास की सराहना करते हुए डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने कहा:

"विजुअल आर्ट्स के इन छात्र-कलाकारों का यह प्रयास न केवल सराहनीय है बल्कि समाज को एक नई दिशा देने वाला है। शहर के बजाय गांव की चौपाल को कला का केंद्र बनाना यह साबित करता है कि हमारे युवा कलाकार समाज के प्रति अपनी जमीनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हैं। ग्रामीण अंचल के लोगों के लिए अपनी कला की खिड़की खोलना एक बेहद नेक कार्य है। मुझे पूरा विश्वास है कि ये छात्र आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनिवर्सिटी व पूरे हरियाणा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।"

गांव रिठाल फौगाट के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं में भी इस प्रदर्शनी को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार चौपाल को इस रूप में देखा है, जहां उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की कहानियों को रंगों और आकृतियों के माध्यम से इतनी खूबसूरती से उकेरा गया है।

#RohtakNews #DLCSUPVA #RithalPhogatVillage #ArtGalleryInChaupal #VisualArtsHaryana #GuildCollective #DrAmitArya #RuralArtExhibition #ChulhaNyonda #HaryanaCulture #StudentCreativity #LocalNewsRohtak

Previous

यमुनानगर के निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत पर भारी बवाल: परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Next

अम्बाला: हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने चालक प्रशिक्षुओं को नशे के घातक परिणामों के प्रति किया सचेत