27/05/26

हिसार में मानसून से निपटने का चक्रव्यूह तैयार: एडीसी उत्सव आनंद और डीएमसी नीरज ने नालों-पंप हाउसों का किया दौरा

हिसार, 27 मई (अन्‍नू): आगामी मानसून के सीजन में हिसार शहर और ग्रामीण इलाकों को जलभराव (वॉटरलॉगिंग) की समस्या से परमानेंट निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बारिश की पहली बूंद गिरने से पहले तमाम पुख्ता प्रबंध करने के उद्देश्य से अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) उत्सव आनंद और जिला नगर आयुक्त (DMC) नीरज ने मंगलवार 26 मई 2026 को जिला प्रशासनिक अमले के साथ विभिन्न संवेदनशील इलाकों का तूफानी दौरा किया। अधिकारियों ने धरातल पर जाकर जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई (गाद निकालने) के काम और पंपिंग स्टेशनों की कार्यप्रणाली का औचक निरीक्षण किया।

राजगढ़ रोड से लेकर लघु सचिवालय तक: इन प्रमुख हॉटस्पॉट्स पर पहुंची टीम

प्रशासनिक अधिकारियों की इस विशेष टीम ने उन सभी प्रमुख ड्रेनों और डिस्पोजल साइट्स का बारीकी से मुआयना किया, जहां से पूरे जिले की जल निकासी निर्भर करती है। निरीक्षण में मुख्य रूप से ये स्थल शामिल रहे:

  • हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन: राजगढ़ रोड और आर्य नगर के पास इस मुख्य ड्रेन की सफाई व्यवस्था को देखा गया।

  • बालसमंद सब ब्रांच पंप हाउस: भारी बारिश के दौरान पानी को लिफ्ट करने वाली इस सबसे महत्वपूर्ण यूनिट की क्षमता और मोटरों की चालू स्थिति को परखा गया।

  • शहरी एवं ग्रामीण ड्रेन नेटवर्क: ऋषि नगर, लघु सचिवालय (सचिवालय परिसर के आसपास) और विभिन्न गांवों से गुजरने वाले नालों का मुआयना किया।

  • जीजेयू (GJU) स्ट्रॉम डिस्पोजल: गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी के पास बने स्ट्रॉम वॉटर डिस्पोजल सिस्टम की तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई।

एडीसी उत्सव आनंद के सख्त निर्देश: "मानसून से पहले खत्म हो काम, नहीं तो होगी बड़ी कार्रवाई"

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने काम की कछुआ चाल और कुछ जगहों पर मिली कमियों को लेकर संबंधित महकमों के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने मौके पर ही निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. डेडलाइन तय: मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले सभी नालों और ड्रेनों से सिल्ट (गाद) निकालने का काम शत-प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए।

  2. आपसी समन्वय (Coordination): सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम आपस में तालमेल बिठाकर काम करें ताकि कोई भी इलाका अछूता न रहे। काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  3. आधुनिक मशीनों का प्रयोग: संकरे और गहरे नालों की सफाई के लिए पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक पोकलेन और सक्शन मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए ताकि काम की गुणवत्ता से समझौता न हो।

  4. जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप: जिन रिहायशी या व्यावसायिक इलाकों में पिछले सालों के दौरान सबसे ज्यादा पानी जमा हुआ था, वहां पहले से ही अतिरिक्त ट्यूबवेल और डीजल चालित पंप सेट स्टैंडबाय पर रखने के आदेश दिए गए हैं।

बड़े अधिकारियों की फौज रही मौके पर मुस्तैद

प्रशासन की इस गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस औचक निरीक्षण के दौरान एडीसी और डीएमसी के साथ एसीयूटी (ACUT) विवेक यादव, सीटीएम (CTM) सुभाष चंद्र, डीडीपीओ (DDPO) नरेंद्र सिंह सहित सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य (पब्लिक हेल्थ) विभाग के तमाम आला अधिकारी और विंग्स के एक्सएन (XEN) व एसडीओ मौके पर मौजूद रहे और ड्रेनेज मैप के जरिए व्यवस्था को दुरुस्त करने का खाका तैयार किया गया।

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