अमृतसर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी में भीषण हादसा: लंगर हॉल के लैंटर की लोहे की शटरिंग गिरने से 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत, 5 से अधिक गंभीर
जे कुमार अमृतसर, 25 मई 2026: सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल अमृतसर स्थित 'गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी' (शहीद साहिब) परिसर से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। गुरुद्वारा साहिब में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान नए बन रहे लंगर हॉल के लैंटर को रोकने के लिए लगाई गई भारी-भरकम लोहे की शटरिंग प्लेटें अचानक भरभराकर नीचे बैठ बैठीं।
इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से सेवा और पाठ कर रहीं दो महिला श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच से अधिक महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस हादसे के बाद देश-विदेश की सिख संगत और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
चौपेहरा काट रही थीं महिलाएं, अचानक काल बनकर गिरीं लोहे की प्लेटें
प्रत्यक्षदर्शियों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह भयंकर हादसा रविवार की छुट्टी के दिन हुआ, जब गुरुद्वारा साहिब में लाखों की संख्या में संगत नतमस्तक होने पहुंची थी:
सेवा के दौरान हादसा: नए बन रहे मल्टी-स्टोरी लंगर हॉल के नीचे बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु बैठकर गुरबाणी का पाठ (चौपेहरा काटना) कर रही थीं और बर्तन व लंगर की सेवा में जुटी थीं।
चीख-पुकार और भगदड़: अचानक एक जोरदार गड़गड़ाहट की आवाज के साथ टन वजनी लोहे की प्लेटें सीधे महिलाओं के ऊपर आ गिरीं। मलबे और लोहे के नीचे दबने से मौके पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
बाबा भूरी वाले संभाल रहे थे कार सेवा; गुरु रामदास अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
उल्लेखनीय है कि एसजीपीसी द्वारा गुरुद्वारा शहीद साहिब में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक आधुनिक मल्टी-स्टोरी पार्किंग और विशाल लंगर हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इस पूरी कार सेवा की देखरेख और जिम्मेदारी बाबा कश्मीर सिंह जी भूरी वाले के संप्रदाय द्वारा संभाली जा रही है।
अस्पतालों में आपातकाल: हादसे के तुरंत बाद टास्क फोर्स और स्थानीय संगत ने मलबे के नीचे दबी महिलाओं को बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत अमृतसर के श्री गुरु रामदास हॉस्पिटल और माता कौलां चैरिटेबल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लगे दर्जनों टांके: अस्पताल में उपचाराधीन अजनाला और चमियारी गांवों की घायल महिलाओं ने आपबीती बताते हुए कहा कि धमाका इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका ही नहीं मिला। एक महिला के हाथ में गंभीर फ्रैक्चर आया है और डॉक्टरों को करीब 12 टांके लगाने पड़े हैं। कुछ महिलाओं की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
डीसीपी अमनदीप कौर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं
हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए अमृतसर पुलिस की डीसीपी मैडम अमनदीप कौर और एडीसीपी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ पहले घटनास्थल और फिर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों की टीम को घायलों के त्वरित और उच्च स्तरीय इलाज के निर्देश दिए।
मिडिया से बात करते हुए डीसीपी अमनदीप कौर ने कहा:
"प्रशासन और डॉक्टरों की पूरी टीम घायलों की जान बचाने में मुस्तैदी से जुटी है। अस्पताल के भीतर आपातकालीन वार्ड में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हमने संगत और तीमारदारों से बाहर रहने की अपील की है ताकि इलाज में कोई बाधा न आए। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई, इसकी गहराई से तकनीकी जांच की जाएगी।"
इस दर्दनाक हादसे के बाद गुरुद्वारा परिसर में निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है। एसजीपीसी पदाधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने मृत आत्माओं की शांति और घायल महिलाओं के जल्द स्वस्थ होने के लिए गुरु चरणों में अरदास की है।
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