केंद्रीय ऊर्जा सचिव अग्रवाल ने आरडीएस कार्यों की समीक्षा की : मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 24 मई, भोपाल।
भारत सरकार के ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने मध्य प्रदेश पूर्वी जोन विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आरडीएस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटरिंग, फीडर पृथक्करण, पीएम कुसुम योजना, वन क्षेत्र विद्युत अवसंरचना और डिजिटल विद्युत प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने निर्देश दिया कि कंपनी क्षेत्र में शेष बिना विद्युतीकृत घरों का सर्वेक्षण शीघ्र ही पूरा किया जाए और उनका डेटा तैयार किया जाए तथा डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाए और प्रस्ताव तैयार किए जाएं ताकि पात्र घरों तक बिजली की सुविधा पहुंचाई जा सके।
पंकज अग्रवाल ने आरडीएस योजना के अंतर्गत फीडर पृथक्करण में शामिल 874 फीडरों को पीएम कुसुम योजना से जोड़कर उन्हें लाभान्वित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने वन्यजीव अभ्यारण्यों से गुजरने वाली एलटी लाइनों की केबलिंग का भी निर्देश दिया, यह कहते हुए कि इससे वन्यजीवों से जुड़ी दुर्घटनाएं कम होंगी और बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।
बैठक में आरडीएसएस योजना के तहत पूर्वी क्षेत्र की कंपनी के ऐसे 41 मामलों की भी समीक्षा की गई, जिनमें वन विभाग की मंजूरी लंबित है। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वन मंत्रालय स्तर पर इन मामलों की निरंतर निगरानी करें, ताकि परियोजनाओं का कार्यान्वयन शीघ्रता से हो सके।
समीक्षा के दौरान, स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग आधारित विश्लेषण प्रणाली पर एक विशेष प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि एआई-आधारित तकनीकों के माध्यम से बिजली चोरी की संभावित घटनाओं की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। उपभोक्ताओं के खपत पैटर्न, स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ की घटनाओं, डीटीआर ऊर्जा संतुलन, जीआईएस आधारित उपभोक्ता मानचित्रण और ऐतिहासिक बिलिंग डेटा का विश्लेषण करके संदिग्ध उपभोक्ताओं की सूची स्वचालित रूप से तैयार की जा रही है।
बैठक में कंपनी के स्मार्ट बिजली ऐप की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में लगभग 13 हजार स्मार्ट मीटर उपभोक्ता ऐप के माध्यम से प्रतिदिन अपनी बिजली खपत की जांच कर रहे हैं, जिससे ऊर्जा संरक्षण और डिजिटल भागीदारी के प्रति उपभोक्ताओं की जागरूकता बढ़ रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2025-26 से लागू टैरिफ आदेश में टीओडी योजना को शामिल नहीं किया है, जिसका लाभ स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रहा है। इस पहल की सराहना करते हुए ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने कहा कि इससे ऊर्जा संरक्षण, लोड प्रबंधन और डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।
ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने पूर्वी क्षेत्र की कंपनी द्वारा किए जा रहे नवाचारों और डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रौद्योगिकी आधारित मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाना चाहिए।
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