15/11/25

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया

जे कुमार, अम्बाला 15 नवम्बर - हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा के मार्गदर्शन तथा डीपीसी प्रमोद राणा के नेतृत्व  में जिला अम्बाला के सभी विद्यालयों में 1 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा बड़े ही उत्साह और गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। इस वर्ष महान जननायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को राष्ट्रव्यापी रूप से विशेष सम्मान दिया जा रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि वर्ष 2021 में भारत सरकार ने उनके जन्मदिवस 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया था। इसी क्रम में जिला अम्बाला के विद्यार्थियों को जनजातीय समुदाय की संस्कृति, परंपराओं, संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान से अवगत कराने हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।


वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा प्रतिपादित जनजातीय वीरों की गौरवगाथा को प्रेरणा के रूप में सम्मिलित करते हुए सभी विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभा, डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन, जनजातीय वॉल पेंटिंग, कथा-वाचन, लोकनृत्य-नाटक, विशेषज्ञ व्याख्यान, क्विज प्रतियोगिता, निबंध लेखन, वर्चुअल संग्रहालय भ्रमण, जनजातीय व्यंजन परिचय एवं संवाद आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जल-जंगल-जमीन की अवधारणा, पर्यावरण संरक्षण, परंपरागत ज्ञान और जनजातीय अस्मिता की रक्षा हेतु दिए गए संघर्षों को समझा।


आज 15 नवम्बर को पखवाड़े का समापन दिवस जन जातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया जिसमें विद्यार्थियों द्वारा पखवाड़े के दौरान सीखी गई बातों पर आधारित प्रेज़ेंटेशन एवं रिफ्लेक्शन गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने चार्ट, मॉडल, पोस्टर और प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए तथा जनजातीय नायकों विशेषकर महान जननायक बिरसा मुंडा के जीवन से मिली प्रेरणाओं को सांझा किया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।


कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने यह संदेश दिया  कि भगवान बिरसा मुंडा ने उलगुलान आंदोलन के माध्यम से ब्रिटिश शासन का बहादुरी से सामना किया और जनजातीय अधिकारों व अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनके अदम्य साहस, बलिदान और नेतृत्व से प्रेरणा लेकर विद्यार्थी राष्ट्र, संस्कृति एवं अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक जागरूक होंगे।

इस गतिविधि की जिला नोडल एपीसी पूजा शर्मा ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय विविधता के प्रति सम्मान और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को सुदृढ़ करने में  सफल रहा है। डीपीसी प्रमोद राणा ने कहा कि समग्र रूप से, जिला अम्बाला में आयोजित यह जनजातीय गौरव पखवाड़ा अत्यंत प्रभावी, प्रेरणादायी एवं सफल आयोजन रहा, जिसने विद्यार्थियों में राष्ट्रीय भावना, ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को और अधिक प्रखर किया।

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