असुरक्षित भवनों में अब नहीं बैठेंगे नौनिहाल: अम्बाला में स्कूलों का होगा सुरक्षा ऑडिट, डीईओ ने क्लस्टर प्रभारियों को दिए निर्देश
जे कुमार अम्बाला, 30 जून 2026: अम्बाला जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह गंभीर हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किए हैं कि जिले के किसी भी असुरक्षित (Unsafe) स्कूल भवन या जर्जर कमरे में छात्र नहीं बैठेंगे। इसके लिए विभाग ने सभी क्लस्टर प्रभारियों (मुखियाओं) को 1 जुलाई 2026 तक अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूलों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट (Security Audit) पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
क्लस्टर मुखियाओं को जवाबदेही और भौतिक सत्यापन के आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाने को कहा गया है |
ग्राउंड रिपोर्ट: सभी क्लस्टर प्रभारियों को स्वयं स्कूलों का दौरा कर भवनों की भौतिक स्थिति (Physical Verification), छतों की हालत, जर्जर दीवारों और बिजली के ढीले तारों की बारीकी से जांच करनी होगी।
1 जुलाई तक अल्टीमेटम: सभी प्रभारियों को 1 जुलाई तक अपनी विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट जिला कार्यालय में सौंपनी होगी। यदि कोई कमरा या भवन असुरक्षित पाया जाता है, तो उसे तुरंत सील कर बच्चों की कक्षाएं वैकल्पिक सुरक्षित स्थान या दूसरे कमरों में शिफ्ट की जाएंगी।
कोताही बरतने पर होगी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई
शिक्षा विभाग का यह कदम मानसून सीजन की शुरुआत को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बरसात के दिनों में पुरानी इमारतों और छतों के टपकने या गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
जिला शिक्षा अधिकारी का कड़ा संदेश: "यदि 1 जुलाई के बाद किसी भी स्कूल में बच्चे असुरक्षित भवन या कंडम घोषित हो चुके कमरों में बैठते पाए गए, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल मुखिया और क्लस्टर प्रभारी की होगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और प्राध्यापकों के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हमारा मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को एक सुरक्षित और भयमुक्त शैक्षणिक माहौल प्रदान करना है।"
#AmbalaNews #SchoolSafetyAudit #HaryanaEducationDepartment #DEOAmbala #SafeSchoolBuildings #AmbalaSchools #MonsoonSafety #BreakingNewsAmbala
Previous
देश सर्वोपरि: पूर्व सैनिकों के साथ वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों पर गहन मंथन, कर्नल गोपाल सिंह ने दी जानकारी
Next