एचपीजीसीएल के चेयरमैन ने की चौधरी छोटू राम थर्मल पावर प्लांट के विस्तार की समीक्षा
चंडीगढ़, 10 जून (अभी) - हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के चेयरमैन श्री संजीव कौशल ने आज भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में यमुनानगर में चौधरी छोटू राम थर्मल पावर प्लांट (डीसीआरटीपीपी) में 1800 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल विस्तार इकाई की प्रगति का आकलन किया गया।
ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) आधार पर बीएचईएल को दी गई 7,272.07 करोड़ रुपये की इस परियोजना ने जमीनी स्तर पर कई महत्वपूर्ण पड़ाव पूरे कर लिए हैं।
बैठक के दौरान बताया गया कि नई इकाई को मौजूदा 2300 मेगावाट इकाइयों से अलग करने वाली महत्वपूर्ण कर्टेन वाल का सिविल कार्य जून 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि ढांचागत कार्य 15 जुलाई, 2025 तक पूरा होना है। बॉयलर लाइट-अप अगस्त 2028 होना है, जिससे मार्च 2029 में इकाई की वाणिज्यिक शुरुआत होगी।
परियोजना की पर्यावरण से जुड़ी प्रतिबद्धताओं का उल्लेख करते हुए एचपीजीसीएल के चेयरमैन श्री संजीव कौशल ने कहा कि निगम द्वारा संयंत्र स्थल के पास 110 हेक्टेयर हरित पट्टी का विकास किया गया रहा है। इसके अलावा क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ाने के लिए इतने ही और क्षेत्र में पौधारोपण की योजना है।
गत 14 अप्रैल, 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आधारशिला रखने के साथ शुरू हुई थी। यह विस्तार परियोजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ रही है। बीएचईएल ने निर्माण गतिविधियों के लिए एक अस्थायी 19 किलोवाट बिजली कनेक्शन लिया है और आगे के कार्यों के लिए 250 किलोवाट कनेक्शन के लिए आवेदन किया हुआ है।
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जारी है, जिसमें लगभग 56 एकड़ भूमि विकास के लिए निर्धारित की गई है। इसमें से 35 एकड़ भूमि साइट स्टोर के लिए सुरक्षित कर ली गई है। मिट्टी भराव, चारदीवारी निर्माण और निचले क्षेत्र को समतल करने सहित निर्माण गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं।
बीएचईएल ने 432 तकनीकी ड्राइंग को मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया है, जिनमें से 9 जून, 2025 तक 106 ड्राइंग को मंजूरी मिल चुकी है। पाइलिंग कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया में 15 प्रतिस्पर्धी बोलियां आई हैं और 15 जून, 2025 तक अनुबंध दिए जाने की उम्मीद है। पाइलिंग चरण के लिए सीमेंट और स्टील आदि की खरीद का कार्य भी प्रगति पर है। डेडिकेटेड रेलवे साइडिंग के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट एचपीजीसीएल को प्रस्तुत की गई है, जिसकी समीक्षा की जा रही है।
श्री कौशल ने कार्य की गति और गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए, बीएचईएल के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की और हरियाणा के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में परियोजना के रणनीतिक महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह विस्तार एचपीजीसीएल और बीएचईएल के बीच मजबूत साझेदारी का प्रमाण है, जो प्रदेश और देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए टिकाऊ और कुशल ऊर्जा समाधान की दिशा में एक निर्णायक कदम है।