जनगणना के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से तैयार है- ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज
जनगणना के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से तैयार है- ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज
जनगणना के लिए प्रदेशों से लेकर केन्द्र तक कई बैठकें की जा चुकी है- अनिल विज
मैं ‘‘वन नेशन-वन इलैक्शन’’ के लिए सहमत हूं - विज
हमारे देश के विपक्ष यही मान लिया है कि उनका काम यही है कि हर काम का विरोध करना है- विज
लालू प्रसाद जी को खडे होकर, कान पकडकर सारे देश से माफी मांगनी चाहिए- विज
जब देश आजाद हुआ था तभी यदि महिपाल ढांडा जी देश के शिक्षा मंत्री बन जाते तो देश को काफी फायदा होता- विज
किसी को बंद करने के लिए मैं नहीं कहूंगा, लेकिन हिन्दी को बढावा जरूर दिया जाना चाहिए - विज
चण्डीगढ, 16 जून- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि जनगणना के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से तैयार है। प्रदेशों से लेकर केन्द्र तक इस संबंध में कई बैठकें की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जनगणना को करवाने के लिए प्रधानमंत्री जी भी बैठक ले चुके हैं। इसी प्रकार, हरियाणा में भी मुख्यमंत्री जनगणना के लिए बैठकें कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम जनगणना के लिए बिल्कुल तैयार है। उन्होंने कहा कि श्री विज ने कहा कि मैं ‘‘वन नेशन-वन इलैक्शन’’ के लिए सहमत हूं।
श्री विज आज यहां चण्डीगढ में परिवहन क्षेत्रीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित केन्द्रीय मंत्रालय सहित 12 राज्य के प्रतिभागियों को संबोधित करने के उपरांत मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि चुनावों में बहुत समय और धन लगता है। हाल के साल में पहले लोकसभा के चुनाव हुए, फिर विधानसभा के चुनाव हुए और उसके बाद नगर निकायों के चुनाव हुए और अभी पंचायतों के चुनाव हुए हैं। ये सारा समय आचारसंहिता की वजह से अनेकों परियोजनाएं रूकी रह जाती है। श्री विज ने कहा कि मैं ‘‘वन नेशन-वन इलैक्शन’’ के लिए सहमत हूं।
हमारे देश के विपक्ष यही मान लिया है कि उनका काम यही है कि हर काम का विरोध करना है- विज
विपक्ष पर ब्यानी हमला करते हुए श्री विज ने कहा कि हमारे देश के विपक्ष यही मान लिया है कि उनका काम यही है कि हर काम का विरोध करना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर सूर्य निकला हुआ है तो विपक्ष रात ही बताएगा। अभी पाकिस्तान के भारत ने छक्के छुडा दिया लेकिन विपक्ष सबूत मांगता है और विपक्ष पाकिस्तान की भाषा बोलता है क्योंकि उन्होंने हर विषय पर विरोध करना है, इसलिए आज विपक्ष के विरोध को भारत की जनता कोई वजन नहीं देती है।
लालू प्रसाद जी को खडे होकर, कान पकडकर सारे देश से माफी मांगनी चाहिए- विज
आरजेडी के नेता लालू प्रसाद के पैरों में अंबेडकर की फोटो के मामले ने तूल पकडा हुआ है और बिहार में चुनाव का माहौल है, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि ये अंदर से कुछ ओर और बाहर से कुछ ओर प्रवृति के लोग है। मंचों पर खडे होकर ये बहुत बडे-बडे भाषण देते हैं परंतु दिल में इनके क्या सम्मान है ये लालू प्रसाद जी के इस क्रियाकलाप से नजर आता है इसलिए लालू प्रसाद जी को खडे होकर, कान पकडकर सारे देश से माफी मांगनी चाहिए।
जब देश आजाद हुआ था तभी यदि महिपाल ढांडा जी देश के शिक्षा मंत्री बन जाते तो देश को काफी फायदा होता- विज
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा द्वारा सभी फाइलों को हिन्दी में लिखे जाने के संबंध में एक पत्र लिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने बताया कि जब देश आजाद हुआ था तभी यदि महिपाल ढांडा जी देश के शिक्षा मंत्री बन जाते तो देश को काफी फायदा होता। उन्होंने प्रश्न खडा करते हुए कहा कि जापान आज उच्च स्तर पर है क्या वहां अंग्रेजी बोलते हैं, चीन उच्च स्तर पर है क्या वे अंग्रेजी बोलते हैं, जर्मनी उच्च स्तर पर है क्या वे अंग्रेजी बोलते हैं, और इग्लेंड के साथ लगता फ्रांस है, तथा फ्रांस में अंग्रेजी का बोर्ड नहीं लगाने देेते है। क्या इन देशों ने तरक्की नहीं की है। हमारे देश में ये गलत धारणा बन गई है। श्री विज ने बताया कि कोई भी विषय हो, जो बच्चा जितनी आसानी से उसको अपनी मातृभाषा में समझ सकता है उतनी आसानी से किसी भी ओर भाषा में नहीं समझ सकता। लेकिन एक गलती हो गई, और हम यहां तक आ गए इसलिए हिन्दी भी पढो और अन्य भाषा भी पढो।
किसी को बंद करने के लिए मैं नहीं कहूंगा, लेकिन हिन्दी को बढावा जरूर दिया जाना चाहिए - विज
उन्होंने कांग्रेेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस की प्रजाति ही ऐसी है कि उन्होंने किसी बात की गहराई में नहीं जाना और किसी बात के मूल नहीं जाना, किसी बात के तत्व में नहीं जाना। उन्होंने कहा कि मैं यही मानता हूं कि बाकी भाषाएं भी पढनी चाहिए, मैं उनके विरूद्ध नहीं हूं या तो शुरू में हम यह कर सकते थे कि अब अंग्रेस चले गए और अंग्रेजी नहीं बोलेंगें, हिन्दी बोलेंगें, तब सारे हिन्दी बोलने लग जाते। लेकिन अब अंग्रेजी भी काफी हद तक है। इसलिए किसी को बंद करने के लिए मैं नहीं कहूंगा, लेकिन हिन्दी को बढावा जरूर दिया जाना चाहिए।