अंबाला: 15 सितंबर से पराली जलाने पर धारा 163 लागू; दर्ज होगी FIR और लगेगा ₹30,000 तक का जुर्माना
अम्बाला , 10 सितंबर (अभिकान्त) : कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप कृषि निदेशक, अंबाला डॉ. वजीर सिंह के दिशा-निर्देशों अनुसार सी.आर.एम. (CRM) स्कीम के तहत जिले में आगजनी (AFL) की घटनाओं को शून्य करने के लक्ष्य से अधिकारियों, कर्मचारियों व नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
विभाग द्वारा जिले के सभी गांवों में 'एग्रीस्टैक' व 'फसल अवशेष प्रबंधन' शिविर आयोजित कर किसानों को पराली न जलाने तथा पर्यावरण व जनस्वास्थ्य की रक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। किसानों को अवशेषों को खेत में ही मिलाने के लिए स्ट्रॉ रीपर, रीपर बाइंडर, हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ बॉलर, रोटावेटर और डीकंपोजर का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
इसके अलावा, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और कॉलेजों में लगभग 100 जागरूकता कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थियों को फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता शक्ति व मित्र कीटों को होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा तथा उन्हें इसके खिलाफ शपथ भी दिलाई जाएगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता के निर्देशों पर 15 सितंबर से जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू की जा रही है, जिसके तहत फसल अवशेष जलाना एक दंडनीय अपराध होगा। उल्लंघन करने पर निम्नलिखित जुर्माना व कार्रवाई तय की गई है:
2 एकड़ तक अवशेष जलाने पर: ₹5,000 जुर्माना
2 से 5 एकड़ तक अवशेष जलाने पर: ₹10,000 जुर्माना
5 एकड़ से अधिक अवशेष जलाने पर: ₹30,000 जुर्माना
आगजनी करने वाले किसानों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। साथ ही, संबंधित किसान के रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' की जाएगी, जिससे फसल बेचने और सरकारी अनुदान (सब्सिडी) प्राप्त करने पर रोक लगा दी जाएगी। निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया गया है।
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