पंजाब के इंडस्ट्रियल एरिया के लिए नए नियम: बिजली बिल के साथ कटेगा मेंटेनेंस चार्ज
पंजाब , 05 अगस्त (अभिकान्त) : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों (इंडस्ट्रियल एरिया) की साफ-सफाई, सुरक्षा, सड़कों की मरम्मत और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा विधानसभा में 'पंजाब कॉमन इन्फ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) अमेंडमेंट बिल 2026' पेश किया गया है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य राज्यभर के औद्योगिक क्षेत्रों और फोकल प्वाइंट्स में बुनियादी सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए एक पारदर्शी और नियमित फंड व्यवस्था स्थापित करना है।
बिजली बिल के साथ वसूला जाएगा मेंटेनेंस चार्ज
अब तक इंडस्ट्रियल क्षेत्रों की सुविधाओं के लिए मेंटेनेंस और सर्विस चार्ज अलग से वसूला जाता था, जिसे एकत्र करने में काफी प्रशासनिक दिक्कतें आती थीं और करोड़ों का बकाया जमा हो जाता था। नए नियमों के तहत अब यह सर्विस चार्ज सीधे उद्यमियों के हर महीने के बिजली बिल में जोड़कर वसूला जाएगा। बिजली वितरण कंपनी PSPCL इस राशि को एकत्र करेगी और इसके बदले उसे कुल राशि का 3 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क प्राप्त होगा। सबसे खास बात यह है कि नगर निगम क्षेत्र में आने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए यह सर्विस चार्ज प्रॉपर्टी टैक्स के बदले माना जाएगा, जिससे उद्योगों को दोहरा भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
जमा फंड का 90% हिस्सा स्थानीय विकास पर होगा खर्च
बिजली बिल के माध्यम से एकत्रित की गई कुल राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा संबंधित इंडस्ट्रियल एरिया में गठित होने वाली 'स्पेशल पर्पज व्हीकल' (SPV) समिति को दिया जाएगा। इस राशि का उपयोग सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, कचरा प्रबंधन और दैनिक सफाई पर किया जाएगा। शेष 10 प्रतिशत राशि PSIEC, PUDA और PMIDC जैसे राज्य स्तरीय सरकारी प्राधिकरणों को सौंपी जाएगी, जिसे बड़े बुनियादी ढांचागत सुधारों पर खर्च किया जाएगा। SPV समिति अपने कुल बजट का अधिकतम 5 प्रतिशत ही प्रशासनिक और कर्मचारियों के वेतन पर खर्च कर सकेगी।
उद्योगपतियों और अधिकारियों की बनेगी 'SPV' समिति
हर औद्योगिक क्षेत्र में प्रबंधन की कमान एक 'स्पेशल पर्पज व्हीकल' (SPV) समिति के हाथों में होगी, जिसमें local औद्योगिक एसोसिएशन्स के प्रतिनिधि और उद्योग विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। इसका सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। यह समिति कचरा प्रबंधन के लिए 'बल्क वेस्ट जनरेटर' के रूप में जिम्मेदार होगी और इसे पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। विवादों के समाधान के लिए जिला स्तर पर उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग अथॉरिटी का गठन किया जाएगा।
लापरवाही पर भंग होगी कमेटी, बिल न देने पर कटेगा कनेक्शन
यदि कोई SPV समिति अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन नहीं करती है, तो सरकार उसे 30 दिनों का कारण बताओ नोटिस देकर भंग कर सकती है। ऐसी स्थिति में SDM स्तर के अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा और छह महीने के भीतर नई समिति का पुनर्गठन किया जाएगा। दूसरी ओर, यदि कोई औद्योगिक इकाई सर्विस चार्ज का भुगतान करने में देरी या नाकानी करती है, तो बिजली अधिनियम 2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी और बकाए की स्थिति में बिजली कनेक्शन काटने का भी प्रावधान किया गया है। यह नया कानून लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़ और मोहाली सहित पूरे पंजाब के सभी अधिसूचित इंडस्ट्रियल पार्कों और रजिस्टर्ड अनौपचारिक क्लस्टर्स पर समान रूप से लागू होगा।
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