23/06/26

पलवल में मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

जे कुमार पलवल, 23 जून 2026: आगामी मानसून सीजन को देखते हुए पलवल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। उपायुक्त (DC) डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर की अध्यक्षता में जिला सचिवालय के सभागार में जलभराव एवं बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले के शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं भी जलभराव की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

ड्रेनों की सफाई और तकनीकी रिपोर्ट देने के निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विभिन्न विभागों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी:

  • सफाई व्यवस्था: जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और नगर परिषद को जल निकासी की तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से डिस्पोजल डिटेल और गांवों के जोहड़ों की सफाई की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।

  • अधिकारियों को जिम्मेदारी: बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद, जिला राजस्व अधिकारी बलराज सिंह और सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मोहित वशिष्ठ सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।

होडल में 10 और पलवल में 28 स्थानों पर पुख्ता प्रबंध

समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों ने उपायुक्त को अब तक की गई तैयारियों से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि होडल क्षेत्र में 10 मुख्य ड्रेनों (नालों) की सफाई का कार्य पूरी तरह संपन्न किया जा चुका है।

इसके अलावा, जलभराव की संभावना वाले संवेदनशील इलाकों में पानी निकालने के लिए पर्याप्त संख्या में पंपों की व्यवस्था की गई है। नगर परिषद पलवल क्षेत्र में 28 विशिष्ट जी.टी. (गटर ट्रैप/ड्रेनेज पॉइंट) के माध्यम से जल निकासी प्रबंधन को बेहद सुदृढ़ किया गया है ताकि भारी बारिश के दौरान भी आम जनता को किसी प्रकार की आवागमन संबंधी असुविधा का सामना न करना पड़े।

#PalwalNews #MonsoonAlertPalwal #FloodManagement #DCJayendraChhillar #HaryanaAdministration #CleanPalwal #WaterLoggingSolution #BreakingNewsPalwal

Previous

आईआईटी रोपड़ के मार्गदर्शन में एसआईईटी पंचकुला बनेगा उत्कृष्टता का नया केंद्र

Next

पलवल में अवैध कॉलोनियों पर पीला पंजा: 27 एकड़ में फैला अवैध निर्माण ध्वस्त