18/05/26

हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: गुरुग्राम मेट्रो का बजट बढ़ा, FDA में 1424 पद मंजूर; NCR में प्रदूषण और एग्रीगेटर्स पर कड़े नियम

अभिकान्त, 18 मई हरियाणा : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में राज्य के चौतरफा विकास, प्रशासनिक सुधारों, पर्यावरण संरक्षण, युवा रोजगार और कर्मचारियों के कल्याण को लेकर कई क्रांतिकारी और दूरगामी फैसले लिए गए। इस महाबैठक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को बड़ी राहत प्रदान करने वाले नीतिगत संशोधनों और नए नियमों के मसौदों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।

गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी और विश्व बैंक से ऋण

कैबिनेट की बैठक में गुरुग्राम में अर्बन मोबिलिटी (शहरी गतिशीलता) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बहुप्रतीक्षित मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रिमंडल ने इस परियोजना की कुल लागत को 5,452.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये करने के बड़े संशोधन को मंजूरी दे दी है। लागत में इस वृद्धि का मुख्य कारण वर्ष 2019 और 2023 के बीच कीमतों में बढ़ोतरी, जीएसटी दरों में संशोधन, एक पूर्ण स्वतंत्र डिपो (सेक्टर-33 में 22.86 हेक्टेयर भूमि पर) और अतिरिक्त रोलिंग स्टॉक की आवश्यकता तथा गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के लिए 1.80 किलोमीटर लंबे मेट्रो स्पर (लिंक) का प्रावधान शामिल है। इसके साथ ही, यूरोपीय निवेश बैंक (ईआईबी) से पुष्टि मिलने में हो रही देरी को देखते हुए कैबिनेट ने इस पूरी परियोजना के सॉफ्ट लोन (सस्ते ऋण) के हिस्से को अब अकेले विश्व बैंक के माध्यम से वित्तपोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, ताकि काम में कोई रुकावट न आए।

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) का पुनर्गठन: पद संख्या बढ़कर हुई 1,424

आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बाजार में घटिया दवाओं व मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) विभाग को व्यापक रूप से मजबूत करने की मंजूरी दी गई है। रेशनलाइजेशन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए कैबिनेट ने विभाग में वर्तमान 582 स्वीकृत पदों की संख्या को ढाई गुना से अधिक बढ़ाकर सीधे 1,424 पद करने का निर्णय लिया है। प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता में सुधार के लिए मुख्यालय स्तर के कार्यालय को तीन अलग-अलग विंग— ड्रग विंग, फूड विंग और एडमिनिस्ट्रेटिव विंग में विभाजित किया गया है। साथ ही प्रदेश में पूर्ण रूप से कार्यशील दो नई ड्रग टेस्टिंग तथा फूड टेस्टिंग प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जाएंगी।

एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम: एग्रीगेटर और डिलीवरी गाड़ियों के लिए नए कड़े नियम

वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कैबिनेट ने हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 (रूल 86 ए) में संशोधन करते हुए एक बड़ा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने की मंजूरी दी है। इसके तहत 1 जनवरी, 2026 से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के जिलों में एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के बेड़े में सिर्फ सीएनजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) या स्वच्छतम ईंधन वाली गाड़ियां ही शामिल करने की अनुमति होगी। नए नियमों के तहत इन कंपनियों को यात्रियों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा, ड्राइवरों के लिए 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य होगा। गाड़ियों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), पैनिक बटन, फर्स्ट-एड किट और फायर एक्सटिंग्विशर लगाना जरूरी होगा, साथ ही 24x7 कंट्रोल रूम भी संचालित करना होगा। सारा रजिस्ट्रेशन cleanmobility.haryanatransport.gov.in पोर्टल के जरिए डिजिटल रूप से होगा।

सरकारी कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में 'वन-टाइम स्विच' की सुविधा

राज्य सरकार के कर्मचारियों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत 'वन-टाइम, वन-वे स्विच सुविधा' को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की तर्ज पर हरियाणा में लागू इस व्यवस्था के तहत जिन कर्मचारियों ने यूपीएस का विकल्प चुना है, वे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से यूपीएस में अपनी सेवा के दौरान किसी भी समय स्विच कर सकेंगे। हालांकि, इसका लाभ अधिवार्षिकी (सेवानिवृत्ति) की तिथि से एक वर्ष पूर्व तक ही लिया जा सकेगा। समय-सीमा में इस सुविधा का उपयोग न करने पर कर्मचारी डिफॉल्ट रूप से यूपीएस के अंतर्गत ही रहेगा। अनुशासनात्मक या विभागीय कार्यवाही झेल रहे या दंडस्वरूप बर्खास्त कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिलेगा।

भर्ती परीक्षाओं और मेवात कैडर के उम्मीदवारों को बड़ी राहत

कैबिनेट ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की पीजीटी (PGT) भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के पक्ष में बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2024-25 के दौरान 23 जुलाई, 2024 से पहले पुरानी अधिसूचना (17 नवंबर, 2021) के तहत जारी किए गए BC-A और BC-B नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्रों को सरकार ने सभी प्रयोजनों के लिए पूर्ण वैध मान लिया है, क्योंकि नई अधिसूचना में केवल क्रीमी लेयर की वार्षिक आय सीमा को 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख किया गया है। इससे जिन अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द होने का खतरा था, उन्हें बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा, 'मेवात कैडर' के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विशेष प्रावधान को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत मेवात कैडर के रिक्त रह जाने वाले पदों पर 'शेष हरियाणा कैडर' के योग्य और मेरिट सूची में आने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा।

अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों का नियमितीकरण और हुडा प्लॉट्स के सब-डिवीजन को मंजूरी

औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने हरियाणा प्रबंधन नागरिक सुविधाएं एवं आधारभूत संरचना अभावग्रस्त क्षेत्र (विशेष प्रावधान) संशोधन अधिनियम, 2025 के तहत अनधिकृत औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नियमितीकरण हेतु नीति संशोधनों को मंजूरी दी है। इसके तहत कम से कम 10 एकड़ के निरंतर क्षेत्र में फैली तथा न्यूनतम 50 औद्योगिक इकाइयों वाली कॉलोनियां (जो 3 अक्टूबर, 2025 से पूर्व निर्मित हैं) नियमित की जा सकेंगी। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जाएगा। इसी प्रकार, नगर पालिका सीमा के भीतर भारत सरकार के पुनर्वास मंत्रालय द्वारा विकसित पुनर्वास योजनाओं में स्थित औद्योगिक भूखंडों के नए उप-विभाजन (सब-डिवीजन) तथा पहले से अवैध रूप से उप-विभाजित भूखंडों को नियमित करने की नीति को मंजूरी दी गई है। मूल भूखंड न्यूनतम 1 एकड़ का होना चाहिए और उप-विभाजित प्लॉट 500 वर्ग गज से छोटा नहीं होना चाहिए, जिसमें पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी।

हिसार एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को बढ़ावा: 132.41 करोड़ रुपये की स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन ड्यूटी माफ

अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) परियोजना के तहत हिसार एयरपोर्ट पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के विकास को गति देने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के पक्ष में हस्तांतरित की जाने वाली 2988 एकड़ भूमि पर देय लगभग 132.41 करोड़ रुपये के स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क को पूरी तरह से माफ करने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से इस बड़े औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और निवेश व रोजगार के बड़े अवसर समय पर पैदा होंगे।

स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को डेयरी फार्मिंग के लिए 'शामलात देह' भूमि पट्टे पर मिलेगी

ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कैबिनेट ने 'हरियाणा ग्राम सांझी भूमि (विनियमन) नियम, 1964' में संशोधन को मंजूरी दी है। अब ग्राम पंचायतें हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (HSRLM) के साथ पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और उनकी सहकारी समितियों को डेयरी स्थापित करने के लिए 500 वर्ग गज तक की 'शामलात देह' (सामुदायिक) भूमि पट्टे (लीज) पर दे सकेंगी। यह पट्टा शुरुआत में 5 साल के लिए होगा और बेहतर संचालन पर इसे 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकेगा। इसके लिए आवश्यक शर्त यह है कि समूह के सदस्य उसी गांव के निवासी हों और उनके परिवार के पास 'परिवार पहचान पत्र' (PPP) के अनुसार पहले से 500 वर्ग गज या उससे अधिक की निजी भूमि न हो।

सेवा नियमों और शैक्षणिक योग्यताओं में महत्वपूर्ण संशोधन

  • उच्चतर शिक्षा विभाग: अधीक्षक (फील्ड कैडर) के पद के लिए 'ग्रुप-बी सेवा नियम, 2026' को मंजूरी दी गई। अब इस पद पर पदोन्नति के लिए उप-अधीक्षक के रूप में 1 वर्ष या सहायक के रूप में 10 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा।

  • हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC): कार्यभार बढ़ने के कारण आयोग में सुपरिंटेंडेंट के दो नए पद (कुल संख्या 5 से बढ़कर 7) और अकाउंट्स ऑफिसर का एक नया पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। साथ ही, पात्रता व सजा के प्रावधानों को सिविल सेवा नियम 2016 के अनुरूप किया गया है।

  • भाषा नियमों में ढील: एचपीएससी और उच्चतर शिक्षा विभाग दोनों के सेवा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब दसवीं कक्षा में केवल हिंदी की जगह 'हिंदी या संस्कृत' में से किसी एक विषय का होना अथवा उच्च शिक्षा में हिंदी विषय का होना अनिवार्य व पर्याप्त माना जाएगा।

  • अभिलेखागार विभाग: विभाग में सहायक निदेशक व अन्य रिक्त पदों को भरने के दायरे को बढ़ाते हुए "डिप्लोमा इन आर्काइव्स कीपिंग" के समकक्ष अन्य आधुनिक डिप्लोमा योग्यताओं (आर्काइवल स्टडीज़, आर्काइव्स एंड रिकॉर्ड मैनेजमेंट) को भी मान्यता दी गई है।

पानीपत के चुलकाना धाम में 'बाबा श्री खाटू श्याम श्राइन बोर्ड' की स्थापना के लिए अध्यादेश

लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र पानीपत जिले के चुलकाना धाम स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के बेहतर प्रबंधन, विकास और रखरखाव के लिए कैबिनेट ने "हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन अध्यादेश, 2026" के मसौदे को मंजूरी प्रदान की है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में इस बोर्ड में 'श्री श्याम मंदिर सेवा समिति (पंजीकृत), चुलकाना धाम' के एक प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कानून के मसौदे से दिव्यांगजनों के प्रति इस्तेमाल होने वाले पुराने और भेदभावपूर्ण शब्दों को हटा दिया गया है। चूंकि विधानसभा का सत्र अभी नहीं चल रहा है, इसलिए इसे अध्यादेश के माध्यम से तुरंत लागू करने का निर्णय लिया गया है।

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