महर्षि दयानंद ने आर्य समाज की स्थापना कर सामाजिक समानता और सद्भाव को बढ़ावा दिया: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी
चंडीगढ़, 25 फरवरी (अभी): हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती विश्व की महानतम विभूतियों में से एक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपना जीवन देश की एकता, अखंडता और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित कर दिया। इसके अलावा, उन्होंने सती प्रथा, आडंबर, छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों का कड़ा विरोध किया और इन कुरीतियों को खत्म करने के लिए सामाजिक जागरूकता की वकालत की।
श्री कृष्ण कुमार बेदी ने यह बात आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा द्वारा आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नरवाना में महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती एवं बोध उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में कही। कैबिनेट मंत्री ने पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की और लोगों के बीच सामाजिक समानता और सद्भाव की वकालत की। उन्होंने अनाथालय और विधवा आश्रम स्थापित करके एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत की, साथ ही अपने पूरे जीवन में लड़कियों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से शिक्षा का प्रचार किया। महर्षि दयानंद ने अपने जन जागरण में इस बात पर जोर दिया कि ओम मानवता के लिए सर्वोच्च धर्म है, वैदिक परंपरा सबसे महान सभ्यता का प्रतिनिधित्व करती है, हिंदी पवित्र भाषा है और आर्यावर्त सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने लोगों से वैदिक ज्ञान प्राप्त करने, जीवन का सर्वोत्तम तरीका अपनाने और अपने पूरे जीवन में ज्ञान फैलाने का आग्रह किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती को समाज में बदलाव लाने के लिए कई संघर्षों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने कई शिक्षित व्यक्तियों को जन्म दिया है जो समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। श्री बेदी ने जोर देकर कहा कि सभी स्कूलों को इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आने वाली पीढ़ियों को हमारे इतिहास, संतों, ऋषियों और देश में पैदा हुए महान व्यक्तियों के बारे में जानकारी मिले।