16/04/25

राज्य अधिक आधुनिक, समावेशी और सुलभ विधायी प्रक्रिया की ओर तेजी से बढ़ रहा- मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 16 अप्रैल (अभी): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा में 16 अप्रैल से 21 अप्रैल, 2025 तक आयोजित किए जा रहे 36वें अंतर्राष्ट्रीय विधायी प्रारूपण प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि विधायी ड्राफ्टिंग तैयार करते समय केवल कानून की भाषा ही नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं, ज़रूरतों और संभावनाओं पर भी विचार करना आवश्यक है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस पहल में 13 देशों के कुल 28 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण भी उपस्थित थे। भारत सरकार के पूर्व विधि सचिव और प्राइड के पाठ्यक्रम निदेशक, श्री के.एन. चतुर्वेदी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत विवरण दिया और प्रभावी विधायी ड्राफ्टिंग के लिए प्रमुख आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने हाल के वर्षों में हरियाणा में हुए महत्वपूर्ण विकास की भी प्रशंसा की। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली से चंडीगढ़ की यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि हरियाणा राज्य कितना प्रगतिशील और शांतिपूर्ण है। ग्रुप लीडर एलेजांद्रो निकोलस वीसन नेमलसेफ ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए हरियाणा विधानसभा और प्राइड का धन्यवाद किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त विधायी ड्राफ्टिंग में नई तकनीकें और बढ़ी हुई दक्षता निश्चित रूप से प्रतिभागियों को अपने-अपने देशों में लोकतांत्रिक प्रणालियों को और मजबूत करने में मदद करेगी।

Previous

प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के बिल आधार कार्ड से किए जाएंगे लिंक - ऊर्जा मंत्री अनिल विज

Next

जन समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार गंभीर -  कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा