सहकारी संस्थाओं को मजबूत करेगा त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय: सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा
चंडीगढ़, 27 मार्च (अभी) - सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि के संकल्प को सिद्धि तक लेकर जाने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की अगुवाई में गत दिवस लोकसभा में देश के पहले सहकारी विश्वविद्यालय का बिल पास हुआ है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे देश भर की सहकारी संस्थाओं, विशेषकर हरियाणा को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सहकार क्षेत्र में प्रतिभाओं को बढ़ावा देगा, ताकि युवाओं को अपार संभावनाओं से जोड़ा जा सके।
हरियाणा विधानसभा परिसर में बजट सत्र के दौरान सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने जानकारी सांझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत संकल्प में उनके विचार सहकार से समृद्धि को बल देते हुए बताया कि गत दिवस एक ऐतिहासिक बिल लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश को अपना पहला सहकारिता विश्वविद्यालय मिलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुजरात मे सहकारी आन्दोलन के जनक त्रिभुवन दास पटेल के नाम से त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ सहकारिता क्षेत्र में नवाचार व अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। सहकारी विश्वविद्यालय बनने से सहकारिता की भावना को बल मिलेगा और हमारे युवाओं, महिलाओं व किसानों को सहकारी नेतृत्व मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से सहकारी क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा और हर साल 8 लाख युवाओं को डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स व पीएचडी करने का अवसर मिलेगा। इससे सहकारी आंदोलन को नई गति मिलेगी। सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से देशभर की सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ हरियाणा को भी बड़ा लाभ मिलेगा।