'वन हैं तो हम हैं', हमें हमेशा स्मरण रखना चाहिए
एन.एस. बाछल, 12 मार्च, जयपुर।
वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि वन और वन्यजीव संरक्षण हमारी संस्कृति है। इसके लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित है। थार मरूस्थल से लेकर हरित अरावली पहाड़ियों तक के विविध भौगोलिक स्वरूपों के अनूठे पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार प्रयासरत है।
संजय शर्मा ने पर्यावरण शहीदों, वन एवं वन्यजीवों के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद वनकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल वन क्षेत्र 33 हजार 14 वर्ग किलोमीटर है, यह राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल का 9.64 प्रतिशत है। हमारी सरकार ने इसे आगामी दो दशकों में 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री सोमवार को विधान सभा में वन एवं पर्यावरण विभाग की (मांग संख्या-45) अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। चर्चा के बाद सदन ने वन एवं पर्यावरण विभाग की 21 अरब 27 करोड़ 16 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं।
वनकर्मी कल्याण कोष बनाने की एवं अन्य प्रमुख घोषणायें
संजय शर्मा ने कहा कि पुलिस कल्याण कोष की तर्ज पर वन विभाग में भी वनकर्मी कल्याण कोष बनाने की कार्यवाही की जायेगी। साथ ही संजय वन शाहपुरा का नाम बदल कर देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में श्री अटल वन किया जायेगा। इस पार्क के विकास हेतु राशि रूपये 13 करोड़ का व्यय किया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि सरिस्का सदर गेट से पाण्डुपोल हनुमान मंदिर तक, काली घाटी सरिस्का से टहला गेट तक उच्च गुणवत्ता की ग्रेवल सड़क 7.4 करोड़ की लागत से बनायी जाएगी। विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्रों में बघेरा की आबादी की जानकारी प्राप्त करने हेतु वैज्ञानिक पद्धति से कैमरा ट्रेप सेन्सस् वनकर्मियों को उचित प्रशिक्षण देकर उपलब्ध करवाया जायेगा।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16 नगर वन स्थापना के लिए 24.31 करोड़ राशि के प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजें गए हैं। जो इस प्रकार है जयपुर के विराटनगर, अजमेर के दक्षिण के आदर्श नगर एवं गुलाबबाडी नगर, बून्दी, चित्तौडगढ बेंगू के रावतभाटा एवं चंदेरिया मगरी, उदयपुर ग्रामीण के होडा में, उदयपुर सलुम्बर के सोनारमाता में, कोटा (उत्तर) के अभेडा में, झालावाड के झालारापाटन गोमती सागर-प्रथम एवं गोमती सागर-द्वितीय, डीग के नगर क्षेत्र के आदिब्रदी धाम, जरखोड गुफा एवं सेवल मंदिर, टोक के मालपुरा, टोंक निवाई में इससे अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र श्रीमाधोपुर में शाहपुरा से रींगस राज्य राजमार्ग पर जालपाली मोड़ के पास एक नगर वन बनाया जाना भी प्रस्तावित है।
संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 21 मई, 1982 को गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) को वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के उपबंधों के तहत राजस्थान राज्य का राज्य पक्षी घोषित किया गया है। अतः गोडावण संरक्षण में अभूतपूर्व कार्य को देखते हुये मैं प्रतिवर्ष 21 मई को गोडावण दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की। सिल्वन पार्क वन खण्ड रावली जो कि जयपुर शहर से आगरा रोड के पास जामडोली में स्थित है, इसका नाम बदलकर श्री केशव सिल्वन पार्क किया जायेगा।
संजय शर्मा ने बताया कि सिटी नेचर पार्क, फतेहपुर का नाम श्री बुधगिरी सिटी नेचर पार्क, फतेहपुर करने की घोषणा करता हूं। जयपुर, अलवर, भरतपुर व अजमेर में 1-1 बटरफ्लाई (तितली) पार्क बनाया जायेगा। विभिन्न प्रजातियों के अच्छी गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध कराने हेतु विधानसभा क्षेत्र सुमेरपुर के सिन्दरु में एक हाईटेक नर्सरी स्थापित करने की घोषणा करता हूं।
उन्होंने कहा कि राज्य में भिन्न-भिन्न स्थानों पर उपलब्ध विभिन्न प्रजातियों के प्लस ट्री की उच्च गुणवत्ता को बनाये रखते हुए इनकी अधिक संख्या में पुनरुत्पादन हेतु टिश्यू कल्चर पद्धति से पौधे तैयार किये जाने हेतु एक टिश्यू कल्चर लैब जयपुर में स्थापित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में हमारे नवनियुक्त क्षेत्रीय वन अधिकारी किशोर कुमार की अवैध खनन माफिया ने ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त श्री किशोर कुमार वनरक्षक के साथ मोटर साइकिल पर गश्त कर रहे थे। मैं मेरे बहादुर एवं राजकार्य के प्रति निष्ठावान वन कर्मियों की कार्य संपादन में कठिनाइयों को देखते हुए प्रत्येक प्रादेशिक और वन्यजीव के क्षेत्रीय वन अधिकारी को वाहन की सुविधा चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की घोषणा करता हूँ।
संजय शर्मा ने राज्य में वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में इमीशन ट्रेडिंग सिस्टम (ETS) जो की एक प्रभावी बाजार-आधारित तंत्र है, जो प्रदूषण को नियंत्रित करने और उद्योगों को उत्सर्जन में कमी के लिए प्रोत्साहित करने का काम करता है। इसके लिए राज्य के नॉन अटेनमेंट सिटी अलवर (अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड) में एक पायलट प्रोजेक्ट करवाने की घोषणा की जो राज्य में वायु प्रदूषण को कम करने में मददगार होगी।
उन्होंने नॉइज लेवल की सतत जानकारी मिल सके इसके लिए, राज्य के तीन नॉन अटेनमेंट सिटी जयपुर, जोधपुर और कोटा में कंटीन्यूअस रियल टाइम नॉइज मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने की घोषणा की। उन्होंने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा राज्य में 50 स्थानों पर प्लास्टिक बोतल फ्लेकिंग रिवर्स वेंडिंग मशीन लगायी जा रही है जिसके सफल रूप से क्रियान्वित होने पर इस नेटवर्क को और अधिक बढ़ाने की घोषणा की। परिवेशीय वायु गुणवत्ता की जानकारी मिल सके इसके लिए, राज्य के तीन शहरों बहरोड, राजसमंद और आबूरोड में परिवेशीय वायु गुणवत्ता जांच केंद्र लगाने की घोषणा की।