सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल, सरकार की विभिन्न योजनाओं से मिल रहा आर्थिक लाभ
अभिकान्त, 27 मार्च हरियाणा : हरियाणा में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने, कृषि क्षेत्र के उत्थान, आवासीय व इंडस्ट्रियल (कमर्शियल) क्षेत्र को लाभान्वित करने की दिशा में अलग-अलग विभाग और एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं। इनमें डीएनआरई, हरेडा के अलावा उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम हैं।
उत्तर हरियाणा बिजली निगम के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जबकि सोलर पंप की इंस्टॉलेशन के मामले में महाराष्ट्र के बाद देश भर में दूसरा स्थान हासिल करने वाला राज्य बना है। हालांकि, हरियाणा में 2026-27 तक 2.2 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. पीएम-सूर्य घर योजना के तहत अब तक राज्य में 61875 रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके है।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में किसान, आम व्यक्ति और उद्योगपति हर कोई सौर ऊर्जा के माध्यम से भारी भरकम बिजली बिल की बचत, ग्रिड को अतिरिक्त बिजली यूनिट बेचने और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र की पीएम-सूर्य घर योजना के साथ साथ हरियाणा की राज्य सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी के अंतर्गत अंत्योदय परिवारों और विशिष्ट श्रेणियों को अतिरिक्त धनराशि का लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना भी लाई गई है जिसके तहत आवासीय उपभोक्ताओं को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। नतीजतन बिजली बिल में 90 प्र्रतिशत तक की कमी और 25 साल तक मुफ्त बिजली मिलती है।
उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर के अंतर्गत मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार अधिकतम 78 हजार रूपये तक का लाभ प्रदान कर रही है। एक किलोवाट तक तक 30 हजार प्रति किलोवाट, 2 किलोवाट तक 60 हजार रुपए जिसमें कुल सब्सिडी 30 हजार प्रति किलोवॉट है जबकि 3 किलो वाट या उससे अधिक के लिए 78 हजार रूपये की अधिकतम सब्सिडी निर्धारित है।
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी के अंतर्गत अंत्योदय परिवारों और विशिष्ट श्रेणियों को अतिरिक्त धनराशि का लाभ दिया जा रहा है। अंत्योदय परिवार जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख से कम आय है उन्हें केंद्र की सब्सिडी के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 25 हजार प्रति किलोवाट या कुल लागत का 40 प्रतिशत, जो भी कम हो की अतिरिक्त सहायता 2 किलोवाट तक दी जाती है।
जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए से 3 लाख रुपए है उन्हें 10 हजार प्रति किलोवाट या कुल लागत का 40 प्रतिशत जो भी कम हो, अतिरिक्त सहायता 2 किलोवाट तक दी जाती है। नतीजतन, संयुक्त रूप से सब्सिडी के रूप में केंद्र और राज्य की मिलाकर कुल सब्सिडी 1.10 लाख रुपए तक भी मिल सकती है।
कर्मचारियों के लिए भी सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना
एक गैर-डिफ़ॉल्टर श्रेणी उपभोक्ता है जिन्होंने 01 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025 तक अपने सभी बिजली बिलों का समय पर या नियत तिथि से पहले का भुगतान किया है। श्रेणी दो में निगम, बोर्ड, कॉर्पाेरेशन के राज्य सरकार के वे कर्मचारी शामिल हैं। इनमें एचकेआरएन के कर्मचारी जिनकी नौकरी सुरक्षित है और जिनका कोई बिजली बिल बकाया नहीं है। इस श्रेणी के लिए एचआरएमएस, एचकेआरएन आईडी के साथ उपभोक्ता खाता संख्या का प्रविष्टि करना अनिवार्य है।
प्रवक्ता ने बताया कि श्रेणी एक और दो के लिए वित्तीय सहायता ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता 19,500 रुपये प्रति किलोवाट तथा अधिकतम सहायता राशि 97,500 रुपये केवल 5 किलोवाट प्रति क्षमता तक दी जाएगी। सहायता राशि को बिजली बिलों के माध्यम से 24 मासिक या 12 द्वि-मासिक किश्तों में बिना किसी ब्याज के वसूल किया जाएगा।
गैर-डिफ़ॉल्टर अंत्योदय उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक सहायता
अन्य वित्तीय सहायता के अलावा अन्त्योदय परिवारों के लिए पहले से चल रही राज्य वित्तीय सहायता को और अधिक सरल एवं आकर्षक बनाया गया है। जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, ऐसे अंत्योदय उपभोक्ता का कोई बिजली बिल बकाया नहीं है और उनकी वार्षिक खपत 2400 यूनिट से कम है वे 2 किलोवाट तक की क्षमता का रुफटोफ सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए 25000 रूपये या वास्तविक लागत का 40 प्रतिशत जो भी कम हो, राज्य वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक है, गैर-डिफ़ॉल्टर अंत्योदय उपभोक्ता जो राज्य की वितीय सहायता के पात्र हैं। वे रुफटोफ सोलर प्लांट 2 किलोवाट क्षमता तक स्थापित करवाने तथा 10,000 रुपये प्रति किलोवाट तक राज्य वित्तीय सहायता का लाभ ले सकते हैं। अतिरिक्त वित्तीय सहायता 9,500 रुपए प्रति किलोवाट जो अधिकतम 2 किलोवाट क्षमता तक रुफटोफ सोलर प्लांट सीमित होगी। जिसकी बिजली बिलों के माध्यम से 24 मासिक या 12 द्वि-मासिक किश्तों में बिना किसी ब्याज के वसूल किया जाएगा।
#SolarHaryana #PMSuryaGhar #SolarSubsidy #RenewableEnergy #GreenEnergyIndia #UHBVN #HaryanaGovernment #ElectricitySavings #BreakingNews2026 #Danikkhabar