11/02/25

मुख्यमंत्री ने की राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा

चंडीगढ़, 11 फरवरी (अभी): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार सांय प्रदेश में 28 फरवरी तक तीन नए आपराधिक कानूनों के शत-प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के संबंध में गृह विभाग के अंतर्गत पुलिसजेलअभियोजन और फॉरेंसिक विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि नए कानूनों को धरातल पर लागू करने के लिए ढांचागत विकास के साथ-साथ संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के अनुसारपुलिस थानों में  हाई स्पीड इंटरनेट व्यवस्थावीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपियों की पेशी और गवाहीजीरो एफआईआर की मॉनिटरिंग सहित सभी व्यवस्थाओं को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाहों की गवाही हेतु अदालतों के साथ समन्वय करके व्यवस्था तैयार की जाए। प्रदेश में फॉरेन्सिक मोबाइल वैन की संख्या में वृद्धि की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश में 23 मोबाइल फॉरेन्सिक साइंस यूनिट संचालित हैंइनकी संख्या बढ़ाकर 40 की जाएगी। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जीरो एफआईआर की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। साथ हीइंटर-स्टेट जीरो एफआईआर पर भी निगरानी रखी जाए और संबंधित एजेंसी को वो एफआईआर त्वरित भेजी जाएताकि न्याय मिलने में देरी न हो। बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत अधिकतर प्रावधानों को लागू कर दिया गया है। इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) का क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) के साथ शत-प्रतिशत एकीकरण किया जा चुका है। अदालतों में ऑनलाइन माध्यम से चालान पेश किए जा रहे हैं। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि नए प्रावधानों के अनुसार जरूरी बदलावों को अपनाते हुए 28 फरवरी तक इन कानूनों को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।

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