दिल्ली में नहीं होगी बत्ती गुल, पॉवर ग्रिड को पांच मिनट में ठीक करने का आदेश, बिजली के लटकते तार भी हटेंगे
नई दिल्ली, 03 मार्च (अभी): दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान AAP के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में निर्बाध बिजली आपूर्ति को मेन मुद्दा बनाया था. उन्होंने अपने चुनावी भाषणों में कहा था कि पहले दिल्ली में 6-6 घंटे के पावर कट लगते थे और भाजपा की 20 राज्यों में सरकारें होने के बावजूद कहीं भी 24 घंटे बिजली नहीं मिल पाई. केजरीवाल ने चेतावनी दी थी कि यदि BJP को सत्ता दी गई, तो फिर से लंबा पावर कट लग सकता है. अब भाजपा सरकार ने दिल्ली की बिजली व्यवस्था को सुधारने और उसे चुस्त-दुरुस्त करने का फैसला किया है.
इस योजना लागू करने का आदेश
रविवार को दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने एक बैठक में अधिकारियों को ग्रीष्मकालीन कार्य योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश दिया. यह योजना विशेष रूप से गर्मियों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है. आशीष सूद ने इस दौरान दिल्ली सचिवालय में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और योजना के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि गर्मियों के मौसम से पहले सभी उपायों को लागू करना जरूरी है ताकि बिजली आपूर्ति में कोई दिक्कत न आए.
आशीष सूद ने बैठक में दिल्ली में बिजली के खंभों पर लटकते तारों को हटाने का भी निर्देश दिया है. यह कदम न केवल सुरक्षा की नजरिए से जरूरी है, बल्कि दिल्ली की बिजली व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी अहम है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लटकते तारों की समस्या को हल करके ओवरहेड बिजली केबल के जरिए मॉडल कॉलोनियों का विकास किया जाएगा. इसका उद्देश्य है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में बिजली के खंभों पर लटके हुए तारों से निजात मिले और बिजली आपूर्ति में सुधार हो.
तुरंत मरम्मत के आदेश
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बिजली ग्रिड में कोई समस्या आती है तो उसका समाधान 5 मिनट के अंदर करना सुनिश्चित किया जाए. उनका कहना था कि किसी भी खराबी के होने पर उसका समाधान तुरंत किया जाना चाहिए ताकि दिल्ली के निवासियों को लंबी बिजली कटौती का सामना न करना पड़े. इस तरह के त्वरित उपायों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य निर्बाध बिजली आपूर्ति को बनाए रखना है.