दिल्ली: ₹775 करोड़ की लागत से डीडीए स्टाफ क्वार्टरों का होगा कायाकल्प, NBCC के साथ हुआ समझौता
नई दिल्ली, 28 फरवरी (अभी) : दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी पुरानी आवासीय कॉलोनियों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। डीडीए के ओल्ड राजेंद्र नगर और सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया (SDA) स्थित पुराने स्टाफ क्वार्टरों का अब पूरी तरह कायाकल्प किया जाएगा। लगभग 775 करोड़ रुपये की लागत वाली इस भव्य पुनर्विकास परियोजना की कमान सार्वजनिक क्षेत्र की निर्माण कंपनी एनबीसीसी (NBCC) को सौंपी गई है। हाल ही में डीडीए और एनबीसीसी के बीच इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह पूरी परियोजना 'आत्मनिर्भर' और 'स्व-वित्तपोषित' मॉडल पर आधारित होगी। इस मॉडल की खासियत यह है कि प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए डीडीए को अलग से भारी बजट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पुनर्विकास के बाद तैयार होने वाले कुल निर्मित क्षेत्र का एक हिस्सा बाजार में व्यावसायिक रूप से बेच दिया जाएगा, जिससे प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग पूरी परियोजना के खर्च को वहन करने में होगा। शेष हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, जिसे डीडीए अपने कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर के रूप में उपयोग करेगा।
प्रोजेक्ट के विवरण के अनुसार, ओल्ड राजेंद्र नगर और सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया में मौजूदा पुराने और जर्जर हो चुके मकानों की जगह अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस बहुमंजिला इमारतों का निर्माण होगा। इसमें उन्नत नागरिक बुनियादी ढांचा, बेहतर लैंडस्केपिंग और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण तकनीकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। एनबीसीसी इस प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम करेगी और मास्टर प्लानिंग से लेकर निर्माण पूरा होने तक की जिम्मेदारी निभाएगी। इस पहल से न केवल डीडीए कर्मचारियों को बेहतर आवास मिलेंगे, बल्कि दिल्ली के प्राइम लोकेशन वाले क्षेत्रों में भूमि संसाधनों का भी कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा।
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