डीएलसीसुपवा परिसर में 'दाना-पानी नेस्ट' अभियान: पक्षियों के लिए लगाए इको-फ्रेंडली घोंसले और जलपात्र
जे कुमार रोहतक 30 जून 2026: पंडित लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में नवकल्प फाउंडेशन के सहयोग से 'दाना-पानी नेस्ट' अभियान के तहत एक सराहनीय पहल की गई। इस अभियान के अंतर्गत यूनिवर्सिटी परिसर में बेजुबान पक्षियों के लिए इको-फ्रेंडली (पर्यावरण-अनुकूल) नेस्ट (घोंसले) और जलपात्र स्थापित किए गए। इसका मुख्य उद्देश्य तेजी से घटती पक्षियों की आबादी को सुरक्षित आश्रय, भोजन व पानी उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों में जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता जगाना है।
हरियाणा और राजस्थान में लगाए जा चुके हैं 1200 नेस्ट
नवकल्प फाउंडेशन के प्रतिनिधि अनिल आर्य ने बताया कि यह अभियान पिछले छह वर्षों से लगातार पर्यावरण संवर्धन को समर्पित है:
व्यापक अभियान: इस वर्ष 'दाना-पानी नेस्ट' अभियान के तहत हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अब तक लगभग 1200 घोंसले लगाए जा चुके हैं।
सांस्कृतिक जिम्मेदारी: विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पूरा परिसर विद्यार्थियों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी सुरक्षित व जीवनदायी बने, यही हमारा प्रयास है। बेजुबान जीवों की सेवा हमारी संस्कृति का हिस्सा है।
प्रकृति संरक्षण के लिए जनअभियान का आह्वान
यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने इसे नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने वाला एक बेहतरीन कदम बताया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने घरों, स्कूलों और कार्यालयों के आसपास पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था कर इस जनअभियान का हिस्सा बनें।
संरक्षण का संकल्प: इस अवसर पर स्वयंसेवक अनिल कुमार, डॉ. प्रताप सिंह, राजेश कुमार और विक्रांत वीर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर परिसर के विभिन्न पेड़ों पर सुरक्षित घोंसले टांगे और नियमित रूप से पक्षियों की देखरेख व उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
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