06/05/25

जल संकट से निपटने के लिए सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बुलाई विभागीय अधिकारियों की बैठक

चंडीगढ़, 06 मई (अभी) - राज्य में जल संकट से निपटने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई।

बैठक में सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय सिंचाई अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति से निपटने के तरीकों की समीक्षा की। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को नहरों से जलाशयों और तालाबों को भरने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि इस जल संकट के दौरान किसी भी आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जहां तक ​​संभव हो, उपलब्ध स्रोतों से जलस्रोतों को भरने का प्रयास किया जाना चाहिए। पंजाब की हठधर्मिता के कारण हरियाणा के लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों को आम जनता से पानी का उचित उपयोग करने और पानी की बर्बादी से बचने की अपील करने की सलाह दी, खासकर गर्मियों के मौसम में। इससे जल संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने और कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद मिलेगी।

सिंचाई मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को हर जिले में स्थिति पर कड़ी नजर रखने और पानी के उपयोग की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के सभी जल निकायों को भरा जाना चाहिए और सिंचाई विभाग द्वारा किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, रेवाड़ी, हिसार और रोहतक सहित सभी जिलों में उचित जल प्रबंधन के निर्देश दिए।

मंत्री ने आगामी मानसून पर भी चर्चा की तथा निर्देश दिए कि बाढ़ नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां जून के अंत तक पूरी कर ली जाएं। साथ ही, मंत्री ने सिंचाई विभाग की चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भी निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जहां सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता है, वहां लघु एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के माध्यम से प्रयास किए जाएं। भूजल स्तर में कमी को रोकने पर विशेष ध्यान देते हुए समावेशी जल प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बीबीएमबी से पानी प्राप्त करने का मामला न्यायिक विचाराधीन है तथा उन्हें उम्मीद है कि हरियाणा को शीघ्र ही उसके हिस्से का पानी मिल जाएगा।

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