हरियाणा के ITI छात्रों के लिए बड़ा फैसला, हर महीने ₹2,000 वजीफा देगी सरकार; कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
अभिकान्त, 29 जून चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा और दूरगामी फैसला लेने जा रही है। सरकार ने निर्णय लिया है कि आईटीआई में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अब हर महीने करीब 2,000 रुपये का वजीफा (स्कॉलरशिप) दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को सीधे तौर पर आर्थिक मदद पहुंचाना है, ताकि वे बिना किसी वित्तीय बाधा के तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण हासिल करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के मुताबिक, इस कल्याणकारी कदम से आर्थिक तंगी के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) वाले छात्रों की संख्या में भारी कमी आएगी और ज्यादा से ज्यादा युवा उद्योगों की वर्तमान मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल हासिल कर सकेंगे।
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह योजना केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि युवाओं के सुनहरे भविष्य में एक बड़ा निवेश है। इससे न केवल छात्रों की कक्षाओं में नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि तकनीकी शिक्षा को अधिक आकर्षक और रोजगारोन्मुख भी बनाया जा सकेगा। सरकार का यह भी सोचना है कि वित्तीय सहायता और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के इस मिले-जुले मॉडल से हरियाणा में कुशल युवाओं की एक नई पीढ़ी तैयार होगी। इससे राज्य में रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही, साथ ही स्थानीय उद्योगों को भी उनकी जरूरत के हिसाब से पूरी तरह प्रशिक्षित मानव संसाधन (मैनपावर) आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए हरियाणा के कुल 377 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इस समय दाखिले की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इन संस्थानों में 197 सरकारी आईटीआई और 180 निजी (प्राइवेट) आईटीआई शामिल हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 1 लाख सीटें उपलब्ध हैं। युवाओं के लिए इन संस्थानों में 89 से अधिक इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड्स के विकल्प मौजूद हैं। यहां पारंपरिक तकनीकी कोर्सेज के साथ-साथ आज के आधुनिक दौर और नई तकनीकों से जुड़े हुए कई एडवांस कोर्स भी छात्रों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यावहारिक बनाने के लिए 'ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग' (DST) व्यवस्था को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही है। इस आधुनिक व्यवस्था के तहत छात्रों को केवल क्लासरूम की थ्योरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ सीधे उद्योगों (इन्डस्ट्रीज) में ले जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे आईटीआई के प्रशिक्षु छात्र असल औद्योगिक माहौल में काम करने वाली आधुनिक मशीनों, सुरक्षा मानकों और वहां की कार्यप्रणाली का वास्तविक अनुभव हासिल कर सकेंगे, जिससे वे अपनी पढ़ाई पूरी करते ही रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो जाएंगे।
सत्र 2026-27 के तहत शुरू हुई इस प्रवेश प्रक्रिया में 8वीं, 10वीं और 12वीं पास कर चुके विद्यार्थी अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार विभिन्न ट्रेड्स के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं। छात्रों के लिए इस पूरी आवेदन प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विभाग ने सभी आईटीआई संस्थानों में विशेष 'हेल्प सेंटर' भी स्थापित कर दिए हैं। इन हेल्प सेंटर्स पर आने वाले छात्रों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने, जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) और सीट आवंटन (कौंसिलिंग) से जुड़ी हर प्रकार की तकनीकी और प्रशासनिक सहायता मौके पर ही प्रदान की जा रही है।
#HaryanaITI #ITIHaryanaNews #SkillDevelopment #HaryanaGovtDecision #StudentScholarship #EWSBenefit #TechnicalEducation #EmploymentHaryana #Danikkhabar
Previous
नई दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 को कैबिनेट की मंजूरी, 1 जुलाई से होगी लागू
Next