24/07/26

आयुर्वेद को वैज्ञानिक शोध से मिलेगी नई पहचान; सीसीआरएएस महानिदेशक प्रो. रबीनारायण आचार्य ने पंचकर्म, लैब व शैक्षणिक खंड देखा

अभिकान्त, 24 जुलाई हरियाणा : आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद (सेंट्रल कौंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंस-सीसीआरएएस) के महानिदेशक प्रोफेसर वैद्य रबीनारायण आचार्य ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं का अवलोकन किया।

 

संस्थान डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी ने महानिदेशक को पंजीकरण इकाई, पंचकर्म विभाग, बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी), फार्मेसी तथा अत्याधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला का अवलोकन कराया। निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर आचार्य ने चिकित्सकों से संवाद कर संस्थान की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं के साथ शैक्षणिक खंड का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने इंटरनेशनल हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल और बॉयज हॉस्टल में भी सुविधाओं का मुआयना किया।

 

उन्होंने यह भी अवगत कराया कि संस्थान में प्रतिदिन 500 से ज्यादा मरीज ओपीडी के माध्यम से परामर्श और उपचार प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त पंचकर्म सहित अन्य विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं का भी रोगी लाभ उठा रहे हैं। वहीं, अत्याधुनिक प्रयोगशाला में मरीजों को टेस्ट सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।

 

सीसीआरएएस महानिदेशक ने मरीजों को मुहैया करवाई जा रही आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि आयुर्वेद को चिकित्सा प्रणाली के रूप में और अधिक सशक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, आधुनिक तकनीक के समावेश तथा रोगी-केंद्रित सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि एनआईए पंचकूला भविष्य में आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेगा।  संस्थान की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से लोगों तक आयुर्वेद उपचार की सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि एनआईए पंचकूला आयुर्वेद उपचार का मजबूत केंद्र बन रहा है। यहां पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ सहित दिल्ली सहित अन्य राज्यों से मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। संस्थान का उद्देश्य आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाना, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि अधिक से अधिक लोग उपचार का लाभ उठा सकें।

 

 इस अवसर पर मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक प्रोफेसर काशीनाथ समगंडी, राष्ट्र्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर से द्रव्यगुण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुदिप्त रथ, डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व, प्रोफेसर प्रह्लाद रघु, डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष पमनानी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुराग कुशल, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता यादव, मेडिकल ऑफिसर डॉ. मानसी ग्रेवाल तथा एडीओ सतपाल एसवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 

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