साल में कितनी बार कर सकते हैं रक्त दान ? किन लोगों को इससे बचने की जरूरत।
नई दिल्ली, 04 अप्रैल (अभी): अक्सर ब्लड डोनेशन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है और इसके फायदे गिनाए जाते हैं. कई लोग समय-समय पर रक्तदान करते हैं और इससे जरूरतमंद लोगों को खून मिल पाता है. डॉक्टर्स की मानें तो युवाओं को खासतौर पर ब्लड डोनेशन करना चाहिए. कई लोग मानते हैं कि हर महीने ब्लड डोनेट करना चाहिए, जबकि कुछ लोग मानते हैं कि साल में 1-2 बार ही रक्तदान करना चाहिए. अब सवाल है कि एक साल में हेल्दी व्यक्ति कितनी बार ब्लड डोनेट कर सकता है और किन लोगों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए?
ब्लड डोनेट करना शरीर के लिए फायदेमंद होता है. ऐसा करने से शरीर में आयरन लेवल कंट्रोल रहता है और हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है. ब्लड डोनेशन के बाद शरीर नई रेड ब्लड सेल्स का निर्माण करता है, जिससे खून की क्वालिटी बेहतर हो जाती है. ब्लड डोनेशन से बॉडी में ब्लड फ्लो बेहतर होता है और सभी अंगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर हो जाती है. हेल्दी लोगों को समय-समय पर ब्लड डोनेट करना चाहिए. इससे दूसरे जरूरतमंद लोगों की जान भी बचाई जा सकती है.
साल में कितनी बार कर सकते हैं ब्लड डोनेट?
एक स्वस्थ व्यक्ति हर 8 सप्ताह यानी करीब 2 महीने के बाद ब्लड डोनेट कर सकता है. अगर आप हर 3 महीने पर भी ब्लड डोनेट करेंगे, तो यह अच्छा रहेगा. इस हिसाब से साल में 4 से 6 बार ब्लड डोनेट किया जा सकता है. हालांकि यह नियम सिर्फ हेल्दी लोगों पर लागू होता है. जिन लोगों को किसी तरह का इंफेक्शन या बीमारी हो, उस कंडीशन में डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही ब्लड डोनेट करना चाहिए. ब्लड डोनेशन करने से पहले लोगों को जरूरी टेस्ट करवाने चाहिए, ताकि किसी भी परेशानी का पता लगाया जा सके.
किन लोगों को ब्लड डोनेट करने से बचना चाहिए?
गर्भवती महिलाएं और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को ब्लड डोनेट करने से बचना चाहिए. कम हीमोग्लोबिन और लो आयरन लेवल वाले लोगों को भी खून दान नहीं करना चाहिए. हाल ही में सर्जरी या बड़ी बीमारी से उबर रहे लोगों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए. हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही खून दान करना चाहिए. संक्रामक बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी या सिफिलिस वाले लोगों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए. नशीली चीजों या शराब पीने वाले लोगों को भी खून दान नहीं करना चाहिए.