17/06/26

अम्बाला में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन: प्राकृतिक खेती अपनाने और पशुपालन की आधुनिक तकनीकों पर दिया जोर

जे कुमार अम्बाला में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन: प्राकृतिक खेती अपनाने और पशुपालन की आधुनिक तकनीकों पर दिया जोर

अम्बाला, 17 जून 2026: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग, अम्बाला के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कृषि सदन अम्बाला शहर में 'किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

लागत कम करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान

उप निदेशक (कृषि एवं किसान कल्याण विभाग) डॉ. जसविन्द्र सिंह सैनी ने बताया कि केंद्र व हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

प्राकृतिक खेती के लाभ: कृषि विभाग की ओर से डॉ. अंजली राणा और तकनीकी सहायक दीन दयाल शर्मा ने किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व स्वच्छ उत्पाद मिलते हैं।

पशुपालन और डेयरी विकास: पशुपालन विभाग की तरफ से डीडीएएच डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. सुदेश दहिया और डॉ. संजय गोयल ने पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों, डेयरी विकास, पशुओं की देखभाल और सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सब्सिडी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

जागरूकता के लिए निकाली गई 'किसान पदयात्रा'

सम्मेलन के दौरान अधिकारियों ने किसानों और पशुपालकों की विभिन्न शंकाओं और प्रश्नों के उत्तर देकर उन्हें सरकारी अनुदानों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से एक 'किसान पदयात्रा' भी निकाली गई। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, रसायन मुक्त खेती और आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों ने इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की और प्राकृतिक खेती को अपनाने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का संकल्प लिया।

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