सेवा वितरण में सुधार हेतु हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के बीच समझौता
अभिकान्त, 04 अप्रैल हरियाणा : हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के बीच ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के अपनाने और उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा विकसित ऑटो अपील सिस्टम (AAS) एक तकनीक-आधारित प्रणाली है, जो अपीलों के स्वतः एस्केलेशन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहायक है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस प्रणाली को अपनाने की सिफारिश की गई है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जा सके। इसी क्रम में यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव ने इस प्रणाली को अपनाने में रुचि दिखाई है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि समझौते के अनुसार, AAS का स्वामित्व पूर्ण रूप से हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के पास रहेगा और यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को इसका सीमित, गैर-विशिष्ट और गैर-हस्तांतरणीय उपयोग का अधिकार दिया गया है। यह प्रणाली केवल सरकारी और सार्वजनिक सेवा वितरण के उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली का किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा और बिना पूर्व अनुमति के किसी तीसरे पक्ष के साथ इसे साझा नहीं किया जाएगा। यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव द्वारा प्रणाली के उपयोग के दौरान हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन को स्रोत के रूप में उचित श्रेय देना अनिवार्य होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि यह प्रणाली सहयोगात्मक संघवाद की भावना के तहत यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, आवश्यकतानुसार हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन तकनीकी मार्गदर्शन और परामर्श भी प्रदान करेगा, हालांकि इसके कार्यान्वयन से संबंधित किसी भी वित्तीय या परिचालन जिम्मेदारी का वहन आयोग द्वारा नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्ष इस समझौते के तहत साझा की गई तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी की गोपनीयता बनाए रखेंगे। यह समझौता पांच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में समाधान आपसी परामर्श से किया जाएगा तथा आवश्यक होने पर मामला चंडीगढ़/पंचकूला के न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में आएगा।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के विस्तार की दिशा में हाल ही में त्रिपुरा सरकार के साथ भी इसी प्रकार का एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है।
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