हरियाणा में जल्द 2,256 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाओं का किया जाएगा उद्घाटन - स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 15 जुलाई (अभी) – हरियाणा स्वास्थ्य विभाग प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे, कार्यबल और सेवाओं में सुधार के लगातार तीव्र प्रयास कर रहा है। विभाग ने 720 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की है और अस्पतालों में शेष पदों को भरने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने आज पंचकूला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राज्यभर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उप-स्वास्थ्य केंद्र और नागरिक अस्पतालों सहित 785 चिकित्सा संस्थानों को अपग्रेड किया जाना है। इनमें से 534 के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण और नवीनीकरण कार्यों में तेज़ी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के साथ नियमित समन्वय बैठकें की जा रही हैं।
उन्होंने उज्ज्वल दृष्टि हरियाणा अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि स्कूली बच्चों को मुफ्त चश्में और 45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए दृष्टि सुधार प्रदान करने हेतु इस महीने शुरू किया गया यह अपनी तरह का पहला राज्यव्यापी अभियान है। 22 ज़िला अस्पतालों, 50 उप-मंडल अस्पतालों और 122 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक साथ 1.4 लाख से ज़्यादा चश्मे वितरित किए जा चुके हैं। 14,267 सरकारी स्कूलों में लगभग 21 लाख छात्रों की आँखों की जाँच चल रही है, और लगभग 40,000 दृष्टिबाधित छात्रों को मुफ्त चश्में दिए जाएँगे।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में एमबीबीएस सीटों की संख्या 2014 में 700 थी, जो आज बढ़कर 2,185 हो गई है। भिवानी और चरखी दादरी में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ, इस वर्ष के अंत तक 300 एमबीबीएस सीटें और जुड़ जाएंगी। पीजी (एमडी/एमएस) सीटों की संख्या, जो 2014 में 289 थी, वह बढ़कर 874 हो गई हैं। नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, छः सरकारी नर्सिंग कॉलेज निर्माणाधीन हैं। रेवाड़ी कॉलेज का उद्घाटन पहले ही हो चुका है, जबकि शेष पाँच कॉलेजों का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है।
लिंगानुपात के संबंध में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सख्त निगरानी के कारण पिछले 2-3 वर्षों में इन आंकड़ों में लगातार सुधार हो रहा है। संदिग्ध अवैध गर्भपात की रिवर्स ट्रैकिंग की जा रही है और बिना डॉक्टर की प्रिसक्रिप्शन पर एमटीपी गोलियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे इस प्रवृत्ति में सकारात्मक बदलाव आया है।