27/11/25

फरीदाबाद में 'द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स' का 40वां राष्ट्रीय सम्मेलन 3 दिसंबर से: IoT और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर होगा फोकस

जे कुमार, चंडीगढ़, 27 नवम्बर : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में 3 और 4 दिसंबर 2025 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स का 40वां राष्ट्रीय सम्मेलन और राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होने जा रहा है। यह दो दिवसीय प्रतिष्ठित आयोजन द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) (IEI) के फरीदाबाद स्थानीय केंद्र द्वारा किया जा रहा है।

सम्मेलन की थीम और उद्देश्य : - इस वर्ष के आयोजन की मुख्य थीम है: आईओटी एवं सेंसर एम्बेडेड आईओटी: स्मार्ट कनेक्टिविटी को गति प्रदान करना। आई.ई.आई. देश का सबसे बड़ा बहु-विषयी इंजीनियरिंग पेशेवर संगठन है, जिसमें 15 इंजीनियरिंग संभागों के अंतर्गत 2.5 लाख से अधिक सदस्य हैं। आई.ई.आई. फरीदाबाद सेंटर के अध्यक्ष इंजी. आई.एस. ओबेरॉय ने बताया कि फरीदाबाद सेंटर को पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने का अवसर मिला है।

उद्योग और शिक्षा का संगम : - इस आयोजन में देश भर से प्रमुख शिक्षाविद्, उद्योग जगत के पेशेवर, शोधकर्ता एवं छात्र भाग लेंगे। यह सम्मेलन इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तथा सेंसर-एकीकृत प्रणालियों में नवीनतम शोध प्रस्तुत करने का प्रमुख मंच होगा, जो एक सतत भविष्य की दिशा निर्धारित कर रही हैं।

फरीदाबाद, जो भारत के सबसे बड़े औद्योगिक कॉरिडोर में से एक है, में ऑटोमोटिव, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी एवं विनिर्माण क्षेत्रों की मजबूत उपस्थिति है। इस पृष्ठभूमि में, यह सम्मेलन शिक्षण और उद्योग के बीच सार्थक संवाद का अवसर प्रदान करेगा। इसमें आईओटी की अपार संभावनाओं की खोज के साथ-साथ स्केलेबिलिटी, साइबर सिक्योरिटी एवं अफोर्डेबिलिटी जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर भी गहन विचार-विमर्श होगा।

राष्ट्रीय योजनाओं से जुड़ाव : आई.ई.आई. फरीदाबाद सेंटर के मानद सचिव प्रो. प्रदीप डिमरी ने बताया कि सम्मेलन की थीम राष्ट्रीय प्रमुख योजनाओं – डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत तथा स्मार्ट सिटी मिशन – के साथ पूर्णतः जुड़ी हुई है, जिससे तकनीकी आत्मनिर्भरता एवं औद्योगिक आधुनिकीकरण को बल मिलेगा। आयोजन में तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुति, पैनल चर्चा तथा प्रायोगिक कार्यशालाएं शामिल होंगी जो युवा इंजीनियरों को प्रेरित करेंगी। सम्मेलन में कुल 65 शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, और छात्रों के नवाचारी प्रोजेक्ट्स का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

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