17/02/25

प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत के विजन का साकार करने में जन-प्रतिनिधियों का हो पूरा योगदान- राज्य सभा के उप-सभापति

चंडीगढ़, 17 फरवरी (अभी): राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश ने शनिवार लोकसभा की संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) द्वारा हरियाणा विधानसभा के विधायकों के लिए विधायी प्रक्रियाओं पर आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश ने कहा कि चुने हुए हर जन-प्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के विजन को साकार करने में अपना योगदान देने का संकल्प लेना होगा। राज्यसभा के उप-सभापति ने कहा कि हरियाणा जय जवान-जय किसान के नारे को सही रूप से चरितार्थ करत है। यहां के जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा में जुटे हैं तो किसान देश के लोगों के पेट करने का काम कर रहे हैं। यहां के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी गौरवानित परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा ने उदयोग के क्षेत्र में तरक्की की है और देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि अच्छा नेता लोगों में उम्मीदें जगाता है और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करता है। इसी धारणा पर खरा उतरने के लिए विधानसभा में विधायकों को तथ्यों के साथ अपनी बातें व हलके के मुद्दे रखने चाहिए। विधायकों को बजट सेशन के दौरान पूछना चाहिए कि पिछले साल कितना बजट किस मद में खर्च किया गया और कितने प्रभावी ढंग से इसका उपयोग किया गया है व पिछले वर्ष कितने युवाओं को रोजगार मिले हैं। विधायक की यही कार्य़शैली उनकी जनता में पहचान भी बनाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की 15वीं विधानसभा ने कई मायनों में लोकतंत्र के लिए सुखद संकेत दिए हैं। विधानसभा में 40 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं और 45 विधायकों की 25 से 55 वर्ष हैं। इसके अलावा 13 महिलाएं भी विधायक बनकर विधानसभा पहुंची हैं। 80 प्रतिशत से अधिक ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उन्होंने कहा कि नए विधायकों को प्रभावी नेता बनने के लिए पुराने अनुभवी नेताओं के भाषणों का अध्ययन करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा विधानसभा के सेशन में भागीदारी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि तकनीकी का जमाना है। प्रधानमंत्री का सपना है कि विधानमंडलों व संसद को एक डिजिटल प्लेटफार्म पर लाना होगा। इसके लिए उमंग एप भी लांच किया गया है। राज्यों की विधानसभाओं को पेपर लैस करने के लिए ई-विधानसभा माडल तैयार किया है। हरियाणा ने भी इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा युवाओं की मौत हो रही है, जो कि चिंता का विषय है। एक अध्ययन के अनुसार बताया गया है कि यदि हम सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करते हैं तो वर्ष 2038 तक देश के स्कल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर में 14 प्रतिशत की वृद्धि कर सकते हैं। इस मौके पर श्री हरिवंश ने प्राइड के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया।

हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि विधानसभा सत्र में विधायक ज्यादा से ज्यादा भागीदारी करें और तथ्यों के साथ अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें, तभी अच्छे कानून बननें और प्रदेश की जनता का भला हो पाएगा। उन्होंने कहा कि विधायक विधायिका की ताकत का अहसास तभी करा सकते हैं, जब वे नियमावली का सही से अध्यय करके अपनी बातें प्रशासकों तक पहुंचा सकते हैं। विधानसभा की विभिन्न समितियों के नामित सदस्यों को बैठकों में गंभीरता से भाग लेन होगा, तभी वे इन समितियों के महत्व का पता चलेगा। अगर उनके पास सही जानकारी है तो विभागों के अधिकारियों को समिति के सुझावों पर कारगर ढंग से काम करन पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा समितियों कमांडिंग का रोल अदा करती हैं, न कि डिमांडिंग का। अधिकारियों का भी इस बात पर बखूबी ध्यान देना होगा।  उन्होंने कहा कि विधानसभा क सेशन लंबा चले ये जरूरी नही हैं, बल्कि विधायकों को तैयारी करके सदन में तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी होगी। फिर भी वे आगामी विधानसभा सत्र के समय अवधि बढ़ाने का प्रयास करेंगा। उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से हरियाणा विधानसभा को पेपर लैस बनाया जा रहा है। इस कड़ी में सभी विधायकों को आज टैब वितरित किए गए।

हरियाणा के संसदीय कार्य मामले मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि लोकसभा की संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) द्वारा हरियाणा विधानसभा के विधायकों के लिए विधायी प्रक्रियाओं पर आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल है। संसदीय प्रणाली को चलाने में एक मंत्री व विधायक की क्या भूमिका होती है, इसमें हमें जानने का अवसर मिला है। शिक्षा मनुष्य को सभ्य बनाती है और शिक्षा में प्रशिक्षण व प्रबोधन कार्यक्रम अहम होते हैं।   संसदीय कार्य मामले मंत्री  ने कहा कि संसदीय कार्य मामले मंत्री के रूप में उनके लिए यह एक सुनहेरा अवसर है, जिसमें उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्षों का स्वागत करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि विधायी प्रक्रियाओं में लंबा अनुभव रखने वाले कई राजनेताओं ने निवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय प्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण का भी विशेष आभार जताया और कहा कि जिनकी पहल पर हरियाणा विधानसभा में प्राइड द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह एक संयोग का विषय है कि 15वीं हरियाणा विधानसभा में सत्तापक्ष व विपक्ष के 40 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं और इस प्रकार का कार्यक्रम उनके राजनैतिक पारी की शुरूआत करने का निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को विधायक से आशा होती है और वे जनता के प्रति कितने संवेदनशील हैं और मानवता के धर्म की कसौटी पर पूर्ण रूप से खरा उतरें। यह हमें स्वयं का आंकलन करना होगा। जो इसका पालन नहीं करता है तो जनता उसका आंकलन कर देती है।

उन्होंने कहा कि कई विधायक व सांसद सात-आठ बार चुने गए हैं। इसके पीछे उन भद्र जनों में कई खासियत रही होंगी। विधानसभा में हमें आचरण का ध्यान रखना होगा। आचरण अच्छा होगा तो जनता का हमें उतना ही प्यार मिलेगा। मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि सभी विधायकों ने राजनैतिक विचारधारा से ऊपर उठकर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गहन रुचि दिखाई है, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक पहल भी है। सभी विधायकों को किस प्रकार से विधानसभा में अपने हलके से संबंधित मुद्दे उठाने के साथ-साथ विधायी प्रक्रिया की बारिकी से भी रूबरू होने का मौका मिला है।  उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 10 साल जन सेवा की है और क्षेत्रवाद, भाई-भतीजावाद को खत्म कर प्रदेश की राजनीति की नई परिभाषा गढ़ी है। आज श्री मनोहर लाल ने अपने उदबोधन में नव निर्वाचित विधायकों को राजनीति के गुर भी सीखाए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्राइड द्वारा भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  ज्ञान चंद गुप्ता की भी सराहना की, जिन्होंने हरियाणा विधानसभा को पेपर लैस बनाने की शुरूआत की थी और उसी का परिणाम है कि आज सदन बदला-बदला नजर आ रहा है। विधानसभा में हर विधायक की सीट पर टैब उपलब्ध है और विधानसभा की कार्यवाही को आनलाइन देखा जा सकता है।

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