02/05/25

उत्तर प्रदेश : अब एआरटीओ भी दे सकता है 15 लाख रुपये तक की ईवी सब्सिडी

उत्तर प्रदेश, 02 मई (अभी): इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को सब्सिडी मिलने में काफी राहत हो गई है. वजह है कि अब एआरटीओ को भी सब्सिडी के पेमेंट का अप्रूवल मिल गया है. लखनऊ में अब तक 3029 आवेदन आए और इनमें से 2540 का भुगतान किया जा चुका है. शेष में कुछ वाहन एग्रीगेटर या फर्म पर रजिस्टर्ड हैं, जिनको सब्सिडी का भुगतान नहीं मिलना है. कुछ वाहनों के आवेदन में खामियां मिलीं हैं जिन्हें डीलर पॉइन्ट पर वापस कर दिया गया है.

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने आवेदकों की समस्या को देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल की सब्सिडी के लिए खुद भी आवेदन करने की सुविधा दी है. इसमें डीलर के साथ ही वाहन मालिक भी आवेदन कर सकते हैं. आवेदन पोर्टल (https://upevsubsidy.in) में बदलाव भी किया गया है. पुरानी व्यवस्था में समस्या यह थी कि कई बार सब्सिडी संबंधी जानकारियों के लिए वाहन मालिकों को मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. इसके चलते आवेदन भी कम आते थे. खासकर दोपहिया ईवी मालिक आवेदन करने से कतराते थे, क्योंकि इस पर पांच हजार रुपये सब्सिडी मिलती थी. दोपहिया ईवी के डीलर हर जगह पर नहीं हैं.

मसलन, ओला का ईवी टू-व्हीलर की डीलरशिप सिर्फ लखनऊ में है, जबकि इसके दो पहिया वाहन प्रदेश भर में संचालित हो रहे हैं. इसका मतलब है कि उन्होंने या तो लखनऊ से खरीद की है या कहीं और से लेकर आए हैं. पांच हजार रुपये की सब्सिडी लेने के लिए वाहन स्वामी को डीलर के पास जाना पड़ता था. ऐसे में उनके आने जाने के खर्च काफी हो जाता था. इस लिहाज से भी आवेदक नहीं आ रहे थे. अब एआरटीओ के स्तर पर ही उनकी दिक्कतों का हल होने से आवेदनों की संख्या बढ़ने लगी है.

लखनऊ के एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी के लिए कुल 3029 आवेदन आए थे. इनमें ज्यादातर वाहन स्वामियों को सब्सिडी का लाभ दे दिया गया है. सिर्फ 155 ही लाभार्थी शेष रह गए हैं. उनमें भी 100 से ज्यादा एग्रीगेटर हैं. यानी उन्हें छूट का लाभ मिलना नहीं है. शेष जो भी वाहन स्वामी हैं उनकी सब्सिडी इसी सप्ताह के आखिर तक मिल जाएगी. इसके बाद लखनऊ में कोई भी पेंडेंसी नहीं रह जाएगी.

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