दिल्ली हाई कोर्ट ने ओखला में 115 संपत्तियों के विध्वंस पर लगाई रोक, यूपी सिंचाई विभाग से मांगा जवाब
नई दिल्ली, 30 मई (अभी): दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के जामिया नगर में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के ध्वस्तीकरण के नोटिस पर रोक लगा दी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को अगली सुनवाई की तारीख तक कार्रवाई करने से मना किया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होगी. जामिया नगर के 115 निवास ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सिंचाई विभाग को मुरादी रोड, खिजर बाबा कॉलोनी, जामिया नगर, ओखला में खसरा संख्या 277 में स्थित उनकी संबंधित संपत्तियों को ध्वस्त करने से रोकने का निर्देश देने की मांग की थी. UP सिंचाई विभाग द्वारा बटला हाउस इलाके में कई दुकानों और मकानों पर अवैध निर्माण को लेकर नोटिस लगया गया था और 5 जून तक खाली करने को कहा था.
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई पर रोक लगा दी और विभाग से जवाब मांगा है. यह निर्णय उन सैकड़ों परिवारों के लिए राहत की सांस लेकर आया है, जिनके घर और आजीविका खतरे में थे. इस मामले ने न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि सामाजिक और कानूनी हलकों में भी व्यापक चर्चा छेड़ दी है. मामला खसरा नंबर 277, खिजर बाबा कॉलोनी, मुरादी रोड, ओखला से संबंधित है, जहां उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने 22 मई को नोटिस जारी कर दावा किया था कि ये संपत्तियां अवैध रूप से अतिक्रमित भूमि पर बनी हैं.