21/06/26

कुरुक्षेत्र में 200 साल पुराने नागेश्वर महादेव मंदिर का 108 फीट ऊंचा गुंबद ढहा, मलबे में दबने से बुजुर्ग सेवादार की मौत

अभिकान्त, 21 जून हरियाणा : हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थित करीब 200 वर्ष पुराने ऐतिहासिक उप-ज्योतिर्लिंग नागेश्वर महादेव मंदिर का लगभग 108 फीट ऊंचा विशालकाय गुंबद रविवार तड़के अचानक भरभराकर गिर गया। इस भीषण हादसे में मंदिर परिसर में सो रहे एक बुजुर्ग सेवादार की मलबे के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मंदिर के मुख्य गर्भगृह को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गुंबद के अचानक ढहने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है। इस प्राचीन मंदिर से क्षेत्र के हजारों लोगों की आस्था जुड़ी होने के कारण जैसे ही यह खबर फैली, बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण मंदिर परिसर में जुटना शुरू हो गए, जिससे वहां भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और जांच शुरू की।

हादसे का शिकार हुए बुजुर्ग सेवादार की पहचान 70 वर्षीय नटराजन गिरी के रूप में हुई है, जो पिछले 5 सालों से बाबैन के इसी शिव मंदिर में रहकर सेवा कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 4 बजे नटराजन गिरी मंदिर के बाहर बगल में ही अपनी चारपाई बिछाकर सो रहे थे। इसी दौरान बिना किसी आंधी, तूफान या तेज हवा के मंदिर का 108 फीट ऊंचा गुंबद अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। गुंबद का भारी-भरकम मलबा सीधे नटराजन गिरी के ऊपर आ गिरा, जिससे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

गुंबद गिरने की गड़गड़ाहट और जोरदार आवाज सुनकर मंदिर के मुख्य पुजारी और अन्य सेवादार तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े। उन्होंने बिना वक्त गंवाए ग्रामीणों को इकट्ठा किया और अपने स्तर पर मलबा हटाने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद जब तक नटराजन गिरी को मलबे से बाहर निकाला गया, तब तक उनका प्राणांत हो चुका था। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रतिनिधि कैलाश सैनी भी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

इस भीषण दुर्घटना के कारण नागेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य गर्भगृह को गहरा नुकसान पहुंचा है। गुंबद का एक बड़ा हिस्सा गर्भगृह के भीतर जा गिरा, जिससे वहां स्थापित प्राचीन और ऐतिहासिक शिवलिंग सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं पूरी तरह मलबे के नीचे दब गई हैं। मंदिर परिसर के अंदर अभी भी भारी मात्रा में मलबा फैला हुआ है। ग्रामीणों और प्रशासन का कहना है कि पूरा मलबा पूरी तरह हटाए जाने के बाद ही गर्भगृह को पहुंचे वास्तविक नुकसान और मूर्तियों की स्थिति का सही अंदाजा लगाया जा सकेगा।

स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, बाबैन का यह नागेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र की जनता के लिए अटूट विश्वास और श्रद्धा का केंद्र है। मंदिर का इतिहास करीब 200 साल पुराना बताया जाता है और यहां स्थापित शिवलिंग को 'स्वयंभू' (स्वयं प्रकट हुए) माना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल पहले इस प्राचीन मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार (रिनोवेशन) कराया गया था। बताया जा रहा है कि मंदिर का यह विशालकाय गुंबद महज चार इंच मोटी (चार पट्टी) दीवार के सहारे खड़ा था। बाबैन थाने के एसएचओ (SHO) राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और उसका पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। पुलिस प्रशासन हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

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